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इसबगोल खाने के फायदे और नुकसान l स्वास्थ्य पत्रिका

ईसबगोल एक झाड़ी आकार का पौधा होता है l इसबगोल के बीज का छिलका कब्ज, आँव, पेचिस, संग्रहणी अतिसार आदि अनेक प्रकार के रोगों की आयुर्वेदिक औषधि है।


इसबगोल भूसी के रूप में काम आता है यह कब्ज की रामबाण दवा है l इसका लुवाब अंतड़ियों को शीघ्र चलने में सहायता करता है l मल मूत्र त्यागने में सरलता होती है l इसका लसीलापन पेचिस और मरोड़ के कारणों को दूर करने में सहायता करता है l 

इसबगोल खाने के फायदे और नुकसान

दस्त सम्बंधित रोगों की रामबाण दवा इसबगोल

1) दस्त में आँव आने पर एक चम्मच इसबगोल गर्म दूध में फुलाकर रात को सेवन करें l सुबह दही में भिगोकर फुलाकर उसमे नमक सौंठ, जीरा, मिलाकर पिलायें l चार दिन लगातार सेवन करने से आँव आना बंद हो जाएगी l


2) मरोड़ होने पर एक चम्मच इसबगोल दो घंटे ठन्डे पानी में भिगोकर नित्य चार बार हर तीन घंटे से खाये l दही, छाछ भी पीये l 


3) आँव, पेचिस, संग्रहणी में इसबगोल 3 भाग, हरर और बेल का का सूखा गुधा समान भाग पिसकर दो चम्मच सुबह शाम गर्म दूध से फंकी लेने पर लाभ होता है l

अमीबिक पेचिस (amoebic Dysentery)

इसबगोल अमीबिक पेचिस के लिए बहुत लाभदायक है आँव को बाहर निकालकर बनना बांध कर देती है l


1) इसबगोल चार भाग सौफ आधा भुना आधा कच्चा एक भाग मिश्री एक भाग सब को मिलाकर पीसकर सुबह-शाम पानी में दो दो चम्मच ले l


2) एक चम्मच इसबगोल एक कप पानी में कम से कम छः घंटे पानी में भिगोये भोजन करने के अंत में इसे खाकर हाथ मुँह धोये l दूसरे समय के भोजन के लिए इसे पुनः भिगो दे और इसी प्रकार सेवन करें l


3) 75 ग्राम इसबगोल 25 ग्राम भुनी हुई सोंफ, 25 ग्राम कच्ची सौंफ मिलाकर पीस ले l एक चम्मच रोज पानी से भोजन के बाद ले l इससे समस्त जीवन आराम से बीतेगा l यह लम्बे समय तक करते रहना पड़ेगा l


वीर्य का पतलापन दूर करे इसबगोल

इसबगोल, शरबत, खसखस, मिश्री प्रत्येक पांच ग्राम पानी में मिलाकर पीने से शीघ्र वीर्य का पतलापन होना वन्द हो जाता है l 


पेशाब में जलन की समस्य

तीन चम्मच इसबगोल की भूसी को एक गिलास पानी में भिगोकर उसमे स्वादानुसार बुरा डालकर पिने से जलन मिट जाती है l 


इसबगोल, अतिसार, रक्ततिसार में अत्यंत उपयोगी है l दस्त में इसबगोल दही के साथ खाये l

स्वांस व दमा की बिमारी

साल छः महीने तक लगातार दिन में दो बार दो चम्मच इसबगोल की भूसी की फंकी सुबह-शाम गर्म पानी से लेते रहने से सभी प्रकार के रोग मिटते है l मास से दो वर्ष तक सेवन करने 20-22 वर्ष तक का दमा भी ठीक हो जाता है l


कांच कंककर खाने में आ जाए तो दो चम्मच इसब घोल की भूसी गर्म दूध के साथ तीन बार ले l


इसबगोल सेवन करने का तरीका

इसबगोल की भूसी पानी के साथ पीना चाहिए l कब्ज दूर करने के लिए दूर करने के लिए गर्म दूध और दस्त और मरोड़ में दही के साथ सेवन करना चाहिए l मात्रा एक दो चम्मच से अधिक नहीं होनी चाहिए l


दस्त की रामबाण दवा है इसबगोल

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इसबगोल के फायदे और नुकसान

जिस तरह हर चीज के गुण होते है उसी तरह अवगुण भी होते है l आपने इसबगोल के फायदे के बारे में जाना अब आप इसबगोल के नुकसान तथा सावधानियाँ के बारे में जाने l


1) इसबगोल का सेवन छोटे बच्चों को नहीं करना है और न ही करवाना है l इसबगोल जितना फायदे मंद है उतना ही नुकसानदायक भी है l 


2) गर्भवती महिलाएं इसबगोल का उपयोग न करे l यह बहुत चिकना और लसीला होता है जो बच्चे के विकास में बाधा बन सकता है l सेवन करना है तो गाईनोलोजिस्ट डॉ से सलाह जरूर ले l में तो साफ मना ही करूँगा l


3) इसबगोल आंतो को चिकना बनता है l इसकी आदत लग सकती है l इसबगोल का प्रयोग मेरे व्यक्तिगत राय यही है की 40-45 वर्ष के ऊपर के लोग ही इसका उपयोग करें l


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