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अदरक खाने के क्या फायदे - स्वास्थ्य पत्रिका

अदरक के 21चमत्कारी घरेलु उपयोग तथा रोगों के उपचार 


अदरक को गीली मिट्ठी में दबाकर रखने से बहुत दिनों तक ताज़ा रहती है l सुखी हुई अदरक को सोंठ कहते है l अदरक की प्रकृति गर्म तथा शुष्क होती है l


अदरक का सेवन कैसे करें

अदरक का सेवन अधिकतर चाय में तथा भोजन के बनाने के दौरान किया जाता है। अक्सर सर्दियों में लोगों को खांसी-जुकाम की परेशानी हो जाती है जिसमें अदरक प्रयोग बेहद ही कारगर माना जाता है।


अदरक खाने के क्या फायदे है

यह अरूची और हृदय रोगों में भी फायदेमंद है। अदरक पाचन शक्ति बढ़ता है इसके अलावा भी अदरक कई और बीमारियों के लिए भी फ़ायदेमंद मानी गई है l नीचे अदरक के 21घरेलु नुस्खे तथा उपयोग बताये गए है l 

अदरक खाने के क्या फायदे है

अदरक के घरेलु उपयोग तथा रोगों का उपचार


दस्त में अदरक का उपचार

आधा कप उबलता हुआ गर्म पानी ले l इसमें एक चम्मच अदरक का रस मिलाये l जितना गर्म पिया जा सके, इस तरह एक घंटे से एक खुराक लेते रहने से पानी की तरह हो रहे पतले दस्त बंद हो जाते है l


पेट दर्द का अदरक से करें घरेलु उपचार

पीसी हुई सोंठ एक ग्राम, जरा सी हींग, और सेंधे नमक की फंकी गर्म पानी से लेने से पेट दर्द ठीक हो जाता है l

पीसी हुई एक चम्मच सौंठ और सेंधा नमक एक गिलास पानी में गर्म करके पीने से पेट दर्द कब्ज अपच ठीक हो जाता है l


पाचन संस्थान के रोग

1) 6 ग्राम अदरक बारीक़ काटकर थोड़ा सा नमक मिलाकर दिन में एक बार दस दिन भोजन से पहले खाये l इससे हज़मा ठीक होगा l भूख लगेगी, पेट की गैस, कब्ज दूर होंगी मुँह का स्वाद ठीक होगा, भोजन की ओर रूचि बढ़ेगी l जीभ ओर कंठ में चिपका बलगम साफ होता है l

2) सौंठ, हींग ओर काला नमक तीनो का चूर्ण gas बहार निकलता है l

3) सौंठ, अजवाइन पीसकर नींबू के रस में तर कर ले l इसे छाया में सुखकर नमक मिला ले l सुबह शाम पानी से ले l

इससे पाचन विकार, वायुपीड़ा खट्टी डकारे ठीक होती है l

4) पेट फूलता हो, बदहजमी हो, अदरक के टुकड़े देसी घी में सेककर स्वाद अनुसार नमक डालकर दो बार नित्य खाये l इससे पेट के सभी समान्य रोग ठीक हो जायेंगे l


हिचकी चलना (hiccough)

ताजे अदरक के छोटे छोटे टुकड़े करके चूसने से पुरानी एवं नहीं तथा लगातार चलने वाली हिचकियां बंद हो जाती है l

सौंठ को पीसकर दूध में उबालकर पिलाने से हिचकी बंद हो जाती है l


अपच होना

ताजे अदरक का रस, निम्बू का रस और सेंधा नमक मिलाकर दो बार खाने से पहले और बाद में पीने से अपच दूर होती है l भोजन पचता है l खाने में रूचि बढ़ती है पेट में हवा से होने वाला तनाव कान होता है l कब्ज दूर होती है l

अदरक, सेंधा नमक और काली मिर्च की चटनी बांटकर भोजन से आधा घंटे पहले तीन दिन खाये l अपच नहीं होगा l 


पेशाब में दर्द और खून आना

पेशाब में दर्द हो, खून आना आता हो तो सौंठ पिसकर छान कर दूध में मिश्री मिलाकर पिलाये l सौंठ सुखाई हुई अदरक है l


खाँसी, जुकाम में अदरक का उपयोग

1) सौंठ तीन ग्राम, तुलसी सात पत्ते, कालीमिर्च के 7दाने, 250 ग्राम पानी में पका कर चीनी मिलाकर, गर्म कर्म पीने से इंफ़्लूजा, जुकाम, खाँसी और सिर दर्द दूर हो जाता है l

2) अदरक का रस 30 ग्राम, शहद 30 ग्राम हल्का गर्म करके रोज तीन बार 10 दिन तक पीये l दमा खाँसी के लिए उपयोगी है l गला बैठ जाये जुकाम हो जाये तो यह योग लाभदायक है खटाई दही का प्रयोग न करे l

दमा में अदरक को घी में तलकर भी ले सकते है l 12 ग्राम अदरक के टुकड़े करके एक पाव पानी, या दूध में मिलाकर चाय की तरह उबालकर पीने से खाँसी जुकाम ठीक हो जाता है l

3) घी में गुड़ डालकर गर्म करें दोनों मिलकर एक होने पर 12 गरक़म पीसी हुई सौंठ डाले l यह एक खुराक है भूखे पेट नित्य सेवन से जुकाम खाँसी ठीक होती है l अदरक खाने से बलगम काम होता है l


मसूड़े फूलना तथा दाँत दर्द

मसूड़े फूल जाये तो 3 ग्राम सौंठ दिन में एक बार पानी के साथ फंकी ले l इससे दाँत दर्द भी ठीक होगा l दाँत दर्द सर्दी से हो तो अदरक पर नमक डालकर दांतो के नीचे रखे l

जुकाम लगना या होना

1) सौंठ और गुड़ पानी में डालकर उबाले l जब चौथाई रह जाये तो सहता सहता गर्म छान कर पीये बहुत लाभ होगा गले में ठंडक व खराश होने पर अदरक चूसे l

2) अदरक के छोटे छोटे टुकड़े, अजवाइन, दाना मेथी और हल्दी प्रत्येक आधा आधा चम्मच एक गिलास पानी में उबाले ज़ब आधा पानी रह जाये तब स्वाद अनुसार जरा सा गुड़ मिलाकर छान कर रात को सोते समय यह काढ़ा पी जाये जुकाम ठीक हो जायेगा l


हृदय शक्तिवर्धक

हृदय दुर्बल हो, धड़कन कम हो, दिल बैठता सा लगे तो सौंठ का गर्म काढ़ा नमक मिलाकर एक प्याला प्रतिदिन पीने से लाभ होता है l


हाथ पैर सुन्न होना

सौंठ और लहसुन की एक एक गांठ पानी डालकर पीस ले l जो अंग सुन्न हो, उसपे इसका लेप करे l प्रातः बिना कुछ खाये पीये जरा सी सौंठ और लहसुन की कली चबाएँ यह प्रयोग दस दिन करे l


लकवा मरना

1) उड़द दाल पिसकर उसे घी में सेंके l गुड़ और सौंठ पिसकर मिलाकर लड्डू बनाये इसका एक लड्डू रोज खाये l

2)सौंठ और उड़द उबालकर इसका पानी पीने से लकवा ठीक होता है


वात, कमर दर्द, जाँघ दर्द, में एक चम्मच अदरक के रस में आधा चम्मच घी मिलाकर पीना चाहिए l


सिर दर्द और अन्य दर्द
सिरदर्द का इलाज

1)आधे सिर का दर्द और पूरा सिर दर्द, गर्दन दर्द, माशपेसीयों का दर्द यदि अपच से, पेट की गड़बदियों से उत्पन्न हुआ हो तो सोंठ को पिसकर उसमे थोड़ा सा पानी डालकर लुगदी बना ले इसे हल्का सा गर्म करे फिर दर्द वाले स्थान पर लेप करे l शुरुआत में हलकी सी जलन महसूस होंगी दर्द जल्दी ठीक हो जाता है l

2) जुकाम में सिर दर्द हो तो सौंठ को गर्म पानी में पिसकर लेप करें पूसी हुई सौंठ को सूंघने से छिंक आकर सिर दर्द में आराम होता है l 


मुँह की दुर्गन्ध में अदरक के रस के फायदे 

एक चम्मच अदरक का रस, एक गिलास पानी में मिलाकर कुल्ले करने से मुँह की दुर्गन्ध दूर होती है l


जोड़ो का दर्द

एक चम्मच सौंठ, आधा टुकड़ा जायफल दोनों को पिसकर तिल के तेल में मिलाकर इसमें कपड़ा भिगो कर जोड़ो पर पट्टी बाँधने से दर्द दूर होता है l


कष्टार्ताव (मासिक धर्म में दर्द)

जिन अविवाहिताओं के मासिक धर्म में दर्द होता है उन्हें सौंठ और पुराने गुड़ का काढ़ा पीने से लाभ होता है l ठंडा पानी और खटाई का परहेज करें l


कान का दर्द

1) सर्दी लगने, मेल जमने, फूंसिया निकलने चोट लगने में कान दर्द होता हो तो अदरक के रस को कपडे से छानकर गुनगुना गर्म करके तीन चार बूंद डालने से दर्द ठीक हो जाता है l दर्द रहने पर थोड़ी देर बाद पुनः डाल सकते है l

2) कानो में साईं साईं की आवाज़ होने पर एक चम्मच सौंठ,25 ग्राम गुड़ और एक चम्मच घी मिलाकर गर्म करके खाने से लाभ होत है l इसे कर्णनाद कहते है l


चोट लगना

चोट लगने और भारी चीज उठाने और कुचल जाने में जितना अंग में दर्द हो वहाँ अदरक को पिसकर गर्म करके आधा इंच मोटा लेप करके पट्टी बांध ले l दो घंटे बाद हटाकर ऊपर से सरसो का तेल लगाकर सेक करे l इस तरह एक बार रोज लेप करे और सरसो के तेल से सेकने से दर्द दूर हो जायेगा l


कफ ज्वर होना और ज्वर 

आदी चम्मच पीसी हुई सौंठ एक कप पानी में उबालकर आधा पानी रहने पर मिश्री मिलाकर पिलाये l तेज ज्वर होने पर 6 ग्राम अदरक का रस,6 ग्राम शहद मिलाकर चाटने से लाभ होता है l


स्वरभंग, स्वर बिगड़ना, आवाज़ बैठना

अदरक में छेद कर उसमे एक चने के बराबर हींग भरकर कपडे में लपेटकर सेक ले l फिर पिसकर मटर के दाने के बराबर गोली बना ले l दिन में एक एक गोली आठ बार चूसे l यह स्वरभंग में लाभकारी है l


2) अदरक का रस में शहद मिलाकर चाटने से बैठी हुई आवाज़ खुल जाती है l

3) आधा चम्मच अदरक का रस आधा आधा घंटे से पीने से सर्दी, खट्टी चीकू के खाने से बैठा हुआ गला ठीक हो जाता है l अदरक के रस को गले में कुछ समय रोकना चाहिए l इससे गला साफ हो जाता है l

अदरक खाने से क्या नुकसान है

जिस तरह अदरक खाने के फायदे होते है तो उसके कुछ नुकसान भी होते है l अदरक को कई बीमारियों में खाया जाता है जिसमे परहेज रखना पड़ता है l हवा नहीं लगने देनी होती है मरीज को, खटाई से सख्त परहेज करना पड़ता है परहेज बिगड़ जाये तो जान लेवा भी हो सकती है l व्यक्ति पागल भी हो सकता है l


रक्त की उलटी होने पर तथा गर्मी के मौसम में अदरक नहीं खानी चाहिए l जरुरत हो तो कम से कम खाये l 

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