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नमक खाने के फायदे और नुकसान - स्वास्थ्य पत्रिका

सेंधा नमक सबसे अच्छा नमक माना जाता है l यह साम्भर, समुद्री नमक से अच्छा होता है l नमक का प्रयोग कम से कम करना चाहिए l बहुत से लोग परंपरागत रूप से रोती बिना नमक के खाते है l केवल सब्जी में ही नमक खाते है l नमक डालकर बनाई गयी रोटी खाने से दांतो में रोटी कन चिपक जाते है l जो दांतो की जड़ो को कमजोर करते है l होम्योपैथिक औषधि नेटरम म्यूरियेटीकम नमक से बनी है l

नमक खाने के फायदे और नुकसान

नमक के फायदे तथा घरेलु उपचार 

पसीने और पेशाब में दुर्गन्ध


यह अधिक नमक खाने से आती है l नमक खाने से कोषाणु मरते है और ज़ब मारे हुए कोषाणु पसीने के साथ शरीर रोमछिद्र बाहर आते है तो तेज गंध आती है l इस दुर्गन्ध से बचने के लिए नमक कम खाना चाहिए l


तेज प्यास लगना


नमक ग्रंथियों का रस सूखता है और इसी कारण से प्यास अधिक लगती है l जिन्हे प्यास अधिक लगती है वो नमक कम मात्रा में सेवन करे l


कब्ज और अपच की परेशानी का उपाय 


काला नमक, अजवाइन, छोटी हर्र और सामान मात्रा में मिलाकर बारीक़ पीस ले l रात को खाने के एक घंटे बाद एक चम्मच गर्म पानी से फांक ले l कब्ज दूर हो जायेगा l


पाचन शक्ति ख़राब हो हलके भोजन से भी दस्त लग जाते हो, कभी पेचिस, कभी कब्ज, शरीर दुर्बल होता जाये तो 5ग्राम काला नमक गर्म पानी में घोलकर पिलाने से लाभ होता है बच्चों को यह एक माह के अंतर से देते रहना चाहिए l 


साइटीका का इलाज


15 ग्राम भाँग और एक चम्मच नमक ले और दोनों को एक किलो पानी में तेज़ उबाले इसमें एक कपड़ा भिगो कर दर्द वाली टांग के पीड़ित स्थान पर सेक करे l इस तरह प्रतिदिन में दो बार सेक करे l लगभग 15 दिन में साइटीका का दर्द ठीक हो जायेगा l


खटाई खाने से दाँत खट्टे होना


खटाई खाने से दाँत खट्टे हो गए हो तो नमक पिसकर दांतो पर मले l दाँत हिलता हो तो तिल के तेल में बारी पिसा हुआ काला नमक मिलाकर मंजन करे l दाँत हिलना बंद हो जयेगा l


पेरो की थकान, दर्द


पेरो की थकान, दर्द हो तो गर्म पानी में नमक मिलाकर 

10 मिनिट पैर घुटने तक डुबोकर रखे l पानी से पिलियो तक मालिश करे l


गठिया रोग 


गठिया हो तो एक किलो गर्म पानी में चार चम्मच नमक डालकर सेक करने से गठिया में लाभ होता है l


विषैले दंश


विषैली मक्खी, कीड़ा, भोंड के डक पर पानी डालकर नमक रगड़े l इससे जलन दर्द नहीं होगा और सूजन भी नहीं आएगी l नमक का पानी पीये लाभ होगा l


सिरदर्द


1) एक चुटकी नमक जीभ पर रखे, दस मिनिट बाद एक गिलास ठंडा पानी पीये l सिरदर्द ठीक हो जायेगा l

2) चौथाई कप पानी में तीन चने के बराबर नमक मिलाकर उस पानी को सूंघने से सिरदर्द में आराम मिलता है l


पायोरिया रोग 

पायोरिया दूर करने के लिए सेंधा नमक बारीक पिसकर कपड़े में छान ले l पीस एक भाग नमक चार भाग सरसो के तेल में मिलाकर रोज इससे मंजन करते रहने से पायोरिया ठीक हो जायेगा l इसके साथ ही अन्य रोग भी दूर हो जायेंगे l इसके साथ गाजर अधिक खाये या रस पीये l चीनी, चाय, काफ़ी का सेवन नहीं करे l दाँत स्वस्थ रहेंगे l


आधे सिर का दर्द हो तो आधा चम्मच नमक आधा चम्मच शहद में मिलाकर चटाए l सरदर्द बंद हो जायेगा l


बंद मासिक दर्द


ठंडी हवा या पानी में काम करने से मासिक धर्म नहीं आ रहा हो तो दो-दो ग्राम नमक गर्म पानी से दिन में तीन बार ले l मासिक धर्म आने लगता है l


मलेरिया बुखार

किसी भी प्रकार का मलेरिया हो नमक से ठीक हो जाता है नित्य काम में लिया जाने वाला नमक तवे पर अच्छी तरह इतना सके की वह भूरे रंग का हो जाये यह बच्चे के लिए आधा चम्मच, और बड़े के लिए एक चम्मच एक गिलास पानी में घोलकर गर्म करके गर्म गर्म पानी मलेरिया भुखार आने से पहले भूखे पेट पीला दे इससे बुखार नहीं आएगा यदि बुखार आया भी तो बहुत हल्का आएगा l दूसरे दिन इसी प्रकार सेवन करे l ऐसा दो तीन बार करने से बुखार ठीक हो जायेगा l


सेंधा नमक एक भाग, देसी चीनी (बुरा) चार भाग दोनों मिलाकर बारीक पीस ले आधा चम्मच रोजाना तीन बार यहाँ दीं गयी विधि से लेने से उल्लेखित रोग ठीक हो जाते है -

गर्म पानी से लेने पर मलेरिया, मौसामी ज्वर वायु गोला, गैस ठीक होते है l खाना खाने के दस मिनिट बाद लेने से अपच, भूख की कमी दूर होती है l सौ ग्राम गर्म पानी से लेने से दमा और गर्म दूध से लेने से जुकाम ठीक हो जाता है l


पेट-दर्द का इलाज


1) पेट-दर्द हो तो गर्म पानी में सेंधा नमक मिलाकर पीये इससे शरीर में ब्याप्त अनावश्यक तत्व भी निकल जाते है l

2) एक गिलास पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर पीने से पेटदर्द ठीक हो जाता है मल साफ आता है l


विषैला पदार्थ सेवन करना


कैसा भी विषैला पदार्थ, नशीला पदार्थ सेवन किया हो 60 ग्राम नमक पानी में घोलकर पिलाये l इससे उल्टियां होंगी और विषैला पदार्थ बहार निकल जायेगा l


त्वचा की कोमलता और सुंदरता

सुष्क त्वचा ख़राब हो हाथ पैर बिवाई फटती हो तो गर्म पानी में नमक मिलाकर धोये, सेक करें l इससे त्वचा कोमल हो जाएगी l


दस्त लगना 


सेंधा नमक, पीपल, छोटी हर्र तीनो सामान मात्रा में पीस ले और एक गिलास पानी में उबाले l आधा पानी रहने पर गर्म गर्म पीये l 


आन्त्रज्वर (Typhoid) होना


टाइफाइड में एक चम्मच नमक एक गिलास पानी (बड़ो के लिए) में घोल कर एक बार रोजाना ऋण दिन तक पिलाये l यदि तेज़ प्यास लगने लगे तो न पिलाये जीभ तर रखने के लिए घूंट घूंट पानी पीलाये l अधिक पानी न पिलाये l इससे ज्वर समान्य हो जाता है और टाइफाइड समय से पहले ठीक हो जाता है l


खाँसी, जुकाम होना


सेंधा नमक, कालीमिर्च, हल्दी हरेक 6 ग्राम पिसकर एक गिलास पानी में उबाले आधा पानी रहने पर गर्म गर्म पीये l खाँसी हो, गले में कफ जमा हो तो सेंधा नमक धीरे धीरे चूसने से लाभ होता है l 



मोच और चोट लगना


नमक को तवे पर सेके इसको गर्म गर्म मोटे कपडे में बांध कर दर्द वाली जगह पर सेकने से आराम मिलता है l चोट लगने पर सेंधा नमक और बुरा सामान मात्रा में मिलाकर एक चम्मच सुबह शाम पानी में फंकी ले l


डीहायड्रेशन (Dehydration) होना

दस्त होने पर नमक और ग्लूकोस पानी में घोलकर बार बार पिलाते रहने से शरीर में पानी की कमी, सुशकी नहीं आती l


अग्निमांद्य (Dyspepsia) होना


मंद अग्नि या अग्निमांद्य होने पर खाना नहीं पचता l जी मचलता है मुँह से लार गिरती है जी घबराता l पेट तथा सिर में भारीपण रहता है सेंधा नमक पेट के रोगों में लाभकारी है सभी चूर्ण आदि में सेंधा नमक डाला जाता है l


1) मंदाअग्नि होने पर चौथाई चम्मच अदरक के दुकड़ो पर सेंधा नमक डालकर नित्य भोजन से पहले खाये l

2) सोंठ और सेंधा नमक सामान मात्रा में पिसकर एक चम्मच गर्म पानी से फंकी ले

3) बरसात में सेंधा नमक एक भाग, छोटी हर्र पांच भाग, पिसकर एक चम्मच प्रतिदिन सुबह शाम गर्म पानी से ले l

4) सेंधा नमक एक भाग, अजवाइन चार भाग पिसकर आधा चम्मच दो बार सुबह शाम गर्म पानी से ले l


लिवर में दर्द (pain in liver) होना


आधा चम्मच सेंधा नमक, चार चम्मच राई, पानी डालकर पिसकर liver के स्थान पर पांच मिनिट लेप करें पर फिर धोकर घी लगा ले l इससे लिवर में हो रहे दर्द में लाभ होगा l


हिचकी चलना (hiccough)


1) सेंधा नमक, काला नमक और नित्य उपयोग में आने वाला नमक समान मात्रा में मिलाकर पीस ले l इसकी आधी चम्मच गर्म पानी से ले तो हिंचकी बंध हो, जाएगी l जिन बीमारियों में नमक बंद किया गया हो नमक का सेवन न करे l

2) काला नमक चौथाई चम्मच, आधे नींबू का रस एक चम्मच शहद मिलाकर लेने से शीघ्र ही हिचकी बंद हो जाता है l

60 ग्राम पीसी हुई राय एक किलो पानी में उबाले चौथाई पानी रहने पर स्वाद अनुसार सेंधा नमक मिलाकर पिलाते रहने से हिचकी बंद हो जाती है सेंधा नमक पानी में घोलकर नाक में टपकाने से हिटकी बंद हो जाती है l


बांहों और पैरो की सुंदरता


हाथो और बांहों को गिला करके एक मुट्ठी नमक घोलकर गति से बांहों की मालिश करे ऐसा प्रति सप्ताह करे इससे बांहों की त्वचा में कोमलता आएगी लगर्म पानी में नमक डालकर पैर धोने से पैर सुन्दर और मुलायम होते है l 


टॉन्सिल, गले में दर्द, सूजन, दाँत दर्द होने पर पानीे नमक डालकर गरारे, कुल्ले करने से लाभ होता है l

ज्यादा नमक खाने के नुकसान


संसार में जो भी वस्तु बनी है हर एक के अपने फायदे और नुकसान है l नमक को सफ़ेद जहर (white poison) भी कहा है l फल सब्जियाँ हम खाते है उनमे प्राकृतिक नमक मौजूद है l हमारे शरीर को जितने नमक की जरुरत है वह प्रकृति ने फल सब्जियों में मौजूद है l


हिस्ट्रीया, मिर्गी, अतिरक्तदाब, जलोदर, सूजन, गुर्दे के रोग, दाद, खुजली, गठिया होने पर नमक नहीं खाना चाहिए l 


चरक सहिता और सुश्रुत शास्त्रों के अनुसार बताया गया है कि नमक भारी, गर्म पित्त को कुपित्त करने वाला, अधिक प्यार पैदा करने वाला, मुरछा, मास को फाड़ने वाला कुरेद ने वाला कुष्ठ को गला कर गिराने वाला, इन्द्रियों को दुर्बल बनाकर कामशक्ति को कम करने वाला, शरीर को बूढा करने वाला काम शक्ति में लीन रहने वाला है l


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