Search amazon Product

Ad banner

जीरा के खाने फायदे, उपयोग तथा घरेलु नुस्खे - स्वास्थ्य पत्रिका

जीरा का परिचय (Introduction to cumin)

जीरा का वानस्पतिक नाम (Cuminum cyminun क्यूमिनम सायमिनम) है यह एक पुष्पीय पौधा है। जीरा दो प्रकार का होता है सफ़ेद जीरा और काला जीरा l सामान्य तौर पर सफ़ेद जीरा का उपयोग काला जीरा की अपेक्षा अधिक किया जाता है l

जीरा एक प्रकार का मसाला है ये खाने में स्वाद तथा खुशबु से खाने का जायका ही बदल देता है l जीरे को सूप, सब्जी, दाल, रायता, सलाद, जूस तथा दही आदि में जीरे का प्रयोग किया जाता है l

जीरा के फायदे तथा घरेलु उपयोग

इसमें विटामिन ई, ए, सी और बी-कॉम्प्लैक्स जैसे विटामिन भी खासी मात्रा में पाए जाते हैं.

इसमें फाइबर प्रयाप्त मात्रा में पाया जाता है इसके अलावा आयरन, कॉपर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैगनीज, जिंक व मैगनीशियम जैसे मिनरल्स का अच्छा सोर्स भी है l

जीरा खाने के क्या फायदे, (What are the benefits of eating cumin)

जीरा पाचक तथा दर्दनाशक है l जीरा पाचन क्रिया को ठीक करता है l जीरा पेट के रोगों में लाभदायक है l जीरा एक अच्छा एंटी-ऑक्सिडेंट है और साथ ही यह सूजन को कम करता है और मांसपेशियों के दर्द में आराम पहुचांने में कारगर है l जीरे के सेवन करने से हाजमा, दस्त, बवासीर, गैस, डकार, पेट दर्द, अपच, खुजली, पित्ती इत्यादि रोगों में लाभ दायक है l


जीरे का सेवन कैसे करे (How to eat cumin)

जीरे का उपयोग आप भोजन के साथ कर सकते है मसलो में डालकर या जीरे को भून कर भोजन के बाद कर सकते है जिससे आपका भोजन शीघ्र पच जाएगा l इसके अलावा आप जलजीरा बनाकर, भून कर दही और काला नमक मिला कर छाछ में डालकर या फिर आप हाजमा चूर्ण बनाकर भी जीरे का सेवन किया जा सकता है l  


जीरे का पानी कैसे पीये (How to drink cumin water)

जीरे को पानी में उबाल कर ठंडा करके छान कर पानी पी सकते है या फिर आप जलजीरा बनाकर पीये l जीरे का पानी पिने से हाजमा ठीक हो जाता है l दस्त साफ आता है l पेट की मरोड़, पेट दर्द में आराम होता है l

जीरा के फायदे, उपयोग तथा घरेलु नुस्खे (Cumin benefits, uses and home remedies)

1. जीरे का सेवन से बवासीर का इलाज

(1). बवासीर (रक्तश्रावी)

जीरा और मिश्री सामान मात्रा में पिसकर एक चम्मच तीन बार ठन्डे पानी से फंकी ले तथा जीरा पानी में पिसकर गुदा पर लेप करे इससे बवासीर की सूजन और दर्द दूर होगा l

(2). बवासीर दर्दपूर्ण

एक चम्मच जीरा, चौथाई चम्मच कालीमिर्च पिसकर एक और शहद में मिला ले l इसके एक चम्मच दिन में तीन बार रोज चाटे दर्दपूर्ण बवासीर ठीक हो जाएगी l

(3) रक्तश्रावी अर्श (सोंफ और जीरा के फायदे)

जीरा, सोंफ, और धनिया प्रत्येक एक चम्मच एक गिलास पानी में उबाले आधा पानी रहने पर छान कर एक चम्मच देसी घी में मिलाकर सुबह शाम पिने से बवासीर में रक्त गिरना बंद हो जायेगा l यह गर्भवती स्त्रियों के बवासीर में अधिक लाभदायक है l

(4) अर्श, ग्रहणी और उदरशूल

अर्श, ग्रहणी और उदरशूल में जीरा शहद के साथ दे, अर्श में दर्द होने पर मि के स्थान दे l इससे रुका हुआ पेशाब भी खुल जाता है l जिनके पेट में रहता है l वे जीरा और शक्कर पीसकर भोजन के बाद फंकी ले इससे पेट दर्द ठीक हो जायेगा l


2. सभी तरह के बुखार में जीरा लाभदायक है

(1). रुक रुक कर आने वाला ज्वर, पुराना मंद बुखार, ज्वर में आयी कमजोरी

मलेरिया बुखार का इलाज

कच्चा जीरा पिसकर (कच्चा जीरा खाने के फायदे)सामान मात्रा में गुड़ मिलाकर मेटर के दाने के बराबर गोलिया बना ले l यह गोलिया सुबह दोपहर शाम खाकर पानी पीये l लाभ होगा l

(2). मलेरिया बुखार

एक चम्मच जीता बिना सीखा हुआ पीस ले इसका तीन गुना गुड़ में मिलाकर इसकी तीन गोलिया बना ले निश्चित समय पर सर्दी लगकर आने वाला मलेरिया भूखार से पहले एक-एक घंटे से एक-एक गोली ले l कुछ सिंह लगातार लेने से मलेरिया ठीक हो जायेगा l

(3) पुराना बुखार

कच्चा पिसा हुआ जीरा एक ग्राम इतने ही गुड़ में मिलाकर तीन बार नित्य लेने से पुराना बुखार ठीक हो जाता है l


3. जीरा और घी खाने से माताओं का दूध वृद्धि तथा स्त्रीरोग

(1).दूध वृद्धि

125 ग्राम जीरा घी में सेंककर 125 ग्राम पीसी हुई मिश्री मिला ले l इसका एक चम्मच भर सुबह शाम दूध में सेवन करे जिन माताओं को बच्चे को दूध पिलाने में दूध की कमी हो, उनका दूध बढ़ जायेगा l

(2). दूध वृद्धि तथा स्त्रीरोग

कच्चा जीरा पिसकर (कच्चा जीरा खाने के फायदे)सामान मात्रा में गुड़ मिलाकर मेटर के दाने के बराबर गोलिया बना ले l यह गोलिया सुबह दोपहर शाम खाकर पानी पीये l इससे स्त्रियों का दूध बढ़ेगा, गर्भशय और योनि की सूजन प्रसव के बाद गर्भशाय की शुद्धि और स्वेत-प्रदर, ज्वर आदि में लाभ होता है l

(3) स्वेत-प्रदर(भुना हुआ जीरा aखाने के फायदे)

स्तन में दूध की कमी होने पर जीरा भून कर चीन के स्थान दे l माताओं के दूध में वृद्धि होंगी l

दूध पिलाने वाली स्त्री के स्तन में गांठ, फोडा हो जसये तो जीरे को पानी में पीड़कर स्तन पर लगाने से लाभ होता है l


4. गर्भावस्था में उलटी 

चार नींबू का रस निकाल कर इसे छान ले l इसमें 50ग्राम सेंधा नमक पिसकर डाले चम्मच से हिलाये फिर 125 ग्राम जीरा कंकड़ आदि निकाल कर इसमें डाल दे और भीगता रहने दे जब भीगते-भीगते नींबू का रस सुखकर केवल सूखा हुआ जीरा रह जाये तो उसे निकाल कर शीशी में भर ले इसका आधा चम्मच रोज तीन बार चबाये इससे गर्भस्वस्थ में जी मचलना, उलटी बंद हो जाती है l


5. पेट के रोगों में जीरा फायदेमंद है l

(1). हाजमे के चूर्ण/पाचक

जीरा, सोंठ, सेंधा नमक, पीपल और कालीमिर्च सामान मात्रा में पिसकर एक चम्मच भोजन के बाद पानी से लेने से बजेजन शीघ्र पचता है l

2 चम्मच जीरा एक गिलास पानी में उबाले l डायरेक्ट ठंडा कर छान कर आधा कप तीन बार पीये l

(2). दस्त रोग

पतले दस्त होने पर जीरे को सेककर पिसकर आधा चम्मच शहद में मिलाकर चार बार नित्य चाटे खाना खाने के बाद छाछ में सिका हुआ जीरा, काला नमक मिलाकर पीये l दस्त बंद हो जायेंगे l

(3). गैस, डकार, आंख आना, अपच पुरानी पेचिस एवं संग्रहणी

उपरोक्त सभी रोगोंमे में जीरा सेंखकर और पीस कर एक चम्मच लेकर एक चम्मच शाद में मिलाकर खाने खाने के बाद चाटे l दस्त, पेचिस आदि में छाछ में जीरा डालकर पीये l जीता पेट के रोगों में लाभदायक होता है l

6. खुजली मिटाता है जीरा 

(1). खुजली पित्ती

जीरे को पानी में उबालकर उस पानी में नाहने से खुजली और पित्ती निकलना ठीक हो जाती है l

(2) खुजली, फुंसीयाँ, जलन, दर्द आदि चर्म रोगों में जीरा पिसकर लेप करने से लाभ होता है l 

7. जीरा मुख का सौन्दर्य बढ़ाता है

जीरे को पानी में उबाल कर उसी पानी में मुँह धोने से चेहरा सुन्दर हो जाता है l

8. मसूड़े फूलना - दर्द, ठोस आदि होने पर भुना हुआ जीरा और सेंधा नमक सामान भाग पिसकर छान के मसूड़े पर रगड़े और लार टपका दे l

9. पथरी, पेशाब में रकावट, और सूजन - सूजन होने पर जीरा और चीनी सामान मात्रा मर पिसकर एक एक चम्मच ठन्डे पानी सा नित्य तीन बार फंकी लेने से लाभ होता है l

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.