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हल्दी के फायदे तथा औषधि गुण बताइये - स्वास्थ्य पत्रिका

हल्दी भारतीय वनस्पति है। यह अदरक की प्रजाति वाला पौधा है इसकी जड़ की गाठों में हल्दी मिलती है। हल्दी को आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही एक चमत्कारिक द्रव्य के रूप में मान्यता प्राप्त है। टर्मरिक नाम अंग्रेजी मे हैं। आयुर्वेद में हल्‍दी को एक महत्‍वपूर्ण औषधि‍ कहा गया है। हल्दी का भारतीय रसोई में इसका महत्वपूर्ण स्थान है और धार्मिक रूप से इसको बहुत शुभ समझा जाता है। विवाह में तो हल्दी की रसम का अपना एक विशेष महत्व है।

हल्दी के फायदे तथा औषधि गुण बताइये

हल्दी का उपयोग क्या है

हल्दी रसोई की शान होती है साथ ही हल्दी कई चामत्कारिक औषधीय गुणों से भरपूर है। आयुर्वेद में तो हल्‍दी को बेहद ही महत्वपूर्ण माना गया है लहल्दी का उपयोग अनेक बीमारियों के इलाज़ में किया जाता है। इसके अलावा हल्दी सौन्दर्यवर्धक भी मानी जाती है और प्रचीनकाल से ही इसका उपयोग रूप को निखारने के लिए किया जाता है l


बिवाइयाँ फटने का कारण और उपाय

शरीर ने तैलीय पदार्थो की कमी, पोष्टीक तत्वों की कमी, दुर्बल पाचन शक्ति तथा राख़, चुना, मिट्टी, पानी के लगातार संपर्क मे रहने से बिवाइयाँ फट जाती है कुछ लोग इसे एलर्जी का प्रभाव भी मानते है l बिवाइयाँ फटने का प्रमुख कारण पाचन शक्ति की दुर्बलता इसका गड़बड़ा जाना है l पेट मे कीड़े होने से भी इसका आक्रमण होता है कभी कभी इसका प्रभाव इतना तीखा होता है कि प्रभावित अंगों से खून निकलने लग जाता है l

बिवाइयाँ का उपचार

1) सहने लायक गर्म पानी मे नमक डालकर 15 मिनट बिवाइयों से जो भी अंग प्रभावित हो, उसे डुबाकर रखे l

2) कच्चे पपीते को चटनी कि तरह पिसकर बनी हुई लुगदी के चौथाई वजन के सरसो के तेल मे करीब दो बड़े चम्मच पीसी हुई हल्दी मिलाकर हलवे कि तरह पकाये तथा इस लुगदी कि पुल्टीस का बिवाइयाँ वाले स्थान पर लेप करके अच्छी तरह ढँककर पट्टी बाँध ले दो तीन दिन इस प्रक्रियबको दोहराये l कैसे भी बिवाइयाँ हो ठीक हो जाएगी l

हाथ पर फटना - कच्चे दूध मे पीसी हुई हल्दी मिला कर मलने से त्वचा मुलायम होती है l हाथ पैर नहीं फटते l यदि फट गए हो तो उसमे हल्दी लगाए l

चोट लगना - 1) चोट लगने पर एक चम्मच हल्दी गर्म दूध के साथ पिने से दर्द सूजन दूर होती है l शरीर कि टूट फुट दूर होती है l चोट लगने पर हल्दी को पानी मे गूँध कर चोट वाले स्थान पर लेप करें l चोट से कटकर रक्त बह रहा हो तो उस स्थान पर हल्दी भर दे खुरंट लेकर ही निकलेगा l आँख मे चोट लगने पर भी हल्दी का सेवन लाभदायक है l

2) दो चम्मच पीसी हुई हल्दी, चार चम्मच गेहूं का आटा एक चम्मच देसी घी, आधा चम्मच सेंधा नमक, थोड़ा सा पानी मिलाकर हलुआ पकाये चोट लगे स्थान पर इस हलुये की पट्टी बाँध ले जरुरत के अनुसार मात्रा घटा बड़ा भी सकते है l आधा किलो गर्मपानी मे उबलते हुए आधा चम्मच सेंधा नमक डाल ले फिर हिलाये इसमें एक चम्मच हल्दी डाले बर्तन को उतार कर ढँक कर रख दे जब सेंक करने जैसा हो जाये तो कपड़ा भिगो कर चोट वाले स्थान पर सेंक करें दर्द मे आराम मिलेगा l

3) हड्डी टूटने पर हल्दी के नियमित सेवन से लाभहोता है l

4) एक प्याज़ को पिस्कर, एक चम्मच हल्दी मिलाकर कपडे मे बाँध ले l इसे तिल के तेल मे रखकर गर्म करें और सेंक करें l कुछ देर सेकने पर पोटली खोलकर दर्द वाले स्थान पर बाँध ले l

दांतो के रोगों मे हल्दी के फायदे

हल्दी से दाँत दर्द का इलाज

 दाँत रोग - हल्दी, नमक और सरसो का तेल मिलाकर नित्य मंजन कर से दाँत मजबूत होते है l हल्दी को आग मे भूनकर बारीक़ पीस ले इसे दुखते दाँत पर मलने से दर्द दूर होता है दाँत के कीड़े मर जाते है सिर्फ हल्दी से मंजन करने से भी दाँत दर्द ठीक हो जाता है l दर्द वाले दाँत के निचे हल्दी का टुकड़ा दबा ले l

दाँत का दर्द - हल्दी और नमक पिसकर जरा सा पानी डालकर गोली बना ले और दुखते दाँत के नीचे रखकर दबा ले l इससे दांतो का दर्द ठीक हो जायेगा l

गैस (एसिडिटी) - पेट मे जब वायु एकत्रित हो जाती है  तो बड़ा दर्द होता है l ऐसी स्थिति मे हल्दी और नमक पांच पांच ग्राम गर्म पानी से ले तुरंत लाभ होगा l

आँखों के रोगों मे हल्दी से आराम

आंख दुखना - पीसी हुई हल्दी मे पानी डालकर सफ़ेद पतला कपड़ा रंग ले l इस कपडे को दुखती आँखों पर रखकर कपड़ा बाँध ले इससे आँखों का दर्द कमे होता है l

आँखों मे लाली और टिस जैसा दर्द हो पीब आती हो तो एक चाय की चम्मच हल्दी पीसी हुई आधा किलो पानी मे इतना उबाले की चौथाई पानी रह जाये l फिर उसे बारीक़ कपडे मे छानकर सुबह शाम आँख मे डालने से आराम होता है l यह हर तीसरे दिन ताज़ा बना कर काम मे ले आँखों मे लाली, शोध, पानी बहने पर हल्दी पानी मे घिस कर हल्का गर्म करके पलकों पर लेप करने से लाभ होता है l

घाव होने पर हल्दी लगाए 

घाव - पीसी हुई हल्दी घी या तेल मे मिलाकर गर्म कर उसमे रुई भिगोकर घाव पर रोजाना बाँधने से घाव जल्दी भरता है और ठीक हो जाता है l

घाव के कीड़े - घाव पर पीसी हुई हल्दी भूरकाये इससे घाव मे उत्पन्न कीड़े मर जाते है l घाव जल्दी भरकर ठीक हो जाता है l

खांसी मे शहद और हल्दी के फायदे

खांसी - खांसी, गले, सीने मे घबराहट हो तो हल्दी, गर्म पानी नमक घोलकर पिलाये हल्दी का छोटा सा टुकड़ा मुँह मे रखकर चूसते रहे l खांसी नहीं आएगी l पुरानी खांसी हो तो पीसी हुई हल्दी एक चौथाई चम्मच शहद आधा चम्मच मिलाकर चाटे l खांसी ठीक हो जाएगी l

दमा, खांसी - हल्दी सेंक कर पीस कर रख ले l आधी चम्मच हल्दी, एक चम्मच शहद मे मिलाकर दो बार चाटे इससे दमा खांसी मे लाभ होगा l


खांसी मे शहद और हल्दी के फायदे

सर्दी, जुकाम, खांसी - जुकाम, दमा, खांसी कफ गिरता हो तो नित्य तीन बार दो गरक़म हल्दी की फंकी गर्म पानी से ले जुकाम मे आग पर हल्दी डाल कर दुआँ संगने से नाक से पानी गिरता है l एलेर्जीक सांस लेने मे हल्दी बहुत लाभ दायक है l हल्दी को बालू रेत मे सेककर पिसकर, एक चाय के चम्मच की मात्रा के बराबर दो बार गर्म पानी से ले l हल्दी हर प्रकार के स्वांस के रोगों मे लाभदायक है l

1) ठण्ड लगने के कारण जुकाम हो तो एक चम्मच हल्दी एक कप गर्म दूध मे घोलकर पीये l जुकाम ठीक हो जायेगा l

2) हल्दी मे पानी डालकर पिसकर गर्म करके लालात पर लेप करे l जुकाम ठीक हो जायेगा l 

चेहरे की झांईया - चौथाई चम्मच हल्दी, चौथाई चम्मच काले तिल दोनों को दूध मे पिसकर चेहरे पर लेप करें l इससे चेहरे की झाइयाँ दूर हो जाती है l

चेचक (small pox) - चेचक से बचने के लिए हल्दी और इमली के बीज सामान मात्रा मे पीस कर चुटकी भर रोज साथ दिन देने से माता नहीं निकलती l चेचक निकलने पर हल्दी और इमली के बीजो का चूर्ण देने से चेचक शीघ्र ठीक हो जाता है l

चेचक के दानो मे घाव हो गए हो तो पान का सूखा कत्था बारीक़ पिसकर घाव पर सूखा ही भूरखाए, घाव ठीक हो जायेंगे l

प्रसव कष्टप्रद - प्रसव पीड़ादायक होता हो तो 6ग्राम हल्दी पीसी हुई गर्म दूध मे मिलाकर सुबह शाम कुछ दिन 9वे माह मे पिलाये l

साइटीका - यह दर्द एड़ी से कुहे तक खींचता हुआ होता है जिसे साइटीका कहते है घी, मैदा, लकड़ी, आमा हल्दी, मिश्री प्रत्येक 10ग्राम, यह पंसारी की दुकान पर मिल जाएगी l इसको पिसकर दूध और पानी प्रत्येक 250ग्राम मे उबाले पानी जल जाने पर छान कर गरम गरम रोगी को पिलाये और ओढ़कर सुला दे पसीना आने पर अंदर ही पोंछते रहे हवा न लगने दे यह दिन मे तीन बार करे खाने को कुछ न दे चार दिन मे आराम हो जायेगा l 

 मधुमेह - यदि बार बार अधिक मात्रा मे पेशाब आये, प्यास लगे तो आठ ग्राम पीसी हुई हल्दी नित्य दो बार पानी के साथ फंकी ले या आधा चम्मच शहद मे मिलाकर चाटे लाभ होगा l

सफ़ेद दाग़ - 1) हल्दी, सोना गेरू, शीतल चीनी, बावची इन सभी को सामान मात्रा मे मिला कर, पीस कर छान ले l नित्य रात को तीन चम्मच, आधा गिलास पानी मे भिगोये, गिलास कांच का हो l प्रातः पानी निथार कर दो चम्मच शहद मिलाकर पिये l जो गाद  छन्ने मे निकले उसका दागो पर लेप करे लम्बे समय तक लेप करने से लाभ होगा l

2) सवा सौ ग्राम पीसी हुई हल्दी 500 ग्राम स्प्राइट(sprit) मे मिलाकर शीशी मे कार्क लगा कर दुप मे रख दे दिन मे तीन बार जोर से हिलाये l तीन दिन बाद छान कर शीशी मे रख ले यह हल्दी की टिंचर है l इसे सफ़ेद दागो पर नित्य तीन बार लगाए l लाभ होगा l

अनावश्यक बाल - शरीर मे चेहरे पर या अन्य कही अनावश्यक बाल हो तो हल्दी मिला उबटन रगड़ने से दुर हो जाते है l

सौन्दर्यवर्धक - पीसी हुई हल्दी चंदन का बुरादा पैसे हुए हरे नीम के पत्ते हरेक दो चम्मच me मिलाकर चेहरे पर मेल, सौन्दर्य से चेहरा चमक उठेगा l चेहरे के कील, मुहसे, दाग़, धब्बे दूर हो जायेंगे l कुछ सप्ताह इसे रोजाना मलने से चेहरे का काला रवंग भी दूर हो जायेगा l

पांच बादाम रात को भीगो दे l प्रातः उन्हें छील कर पीस ले इसमें एक चम्मच हल्दी, और पांच चम्मच दही मिला ले l इन सब को अच्छी तरह मिला कर धुप से झूलसे हुए स्थान पर लेप करें तीन घंटे बाद धो ले l बहुत फायदा होगा l

चुटकी भर हल्दी, बेसन तथा सरसो का तेल मिलाकर उबटन बनाये आवश्यक्तानुसार पानी डालकर चेहरे पर लगाए l

पित्ती - पीसी हुई हल्दी एक चम्मच, गेहूं का आटा दो चम्मच, घी एक चम्मच, चीनी दो चम्मच, आधा कप पानी डालकर हलुआ बना ले इसे ठंडा होने पर रोज सुबह खाये, ऊपर से एक गिलास दूध पीये l इससे पित्ती मिट जाती है

आधा चम्मच हल्दी आधा चम्मच मिश्री या शहद मिलाकर दो बार नित्य ले l पित्ती निकलना बंद हो जएगी l

मुँह के छाले - 15 ग्राम पीसी हुई हल्दी एक किलो पानी मे उबाले l ठंडा होने पर सुबह शाम गरारे करने से लाभ होता है l

जलना - हल्दी को पानी मे घोल कर जले हुए पर लेप करे सूखने पर बार बार लेप करे इससे जले हुए मे लाभ होगा l

स्तन मे सूजन - स्तन मे सूजन या गाँठ हो तो पीसी हुई हल्दी गवार पाठे के रस मे मिलाकर उसे गर्म करके स्तन पर लेप करें l दोनों मे सूजन वो गांठे हो तो दोनों मे लेप करे l स्तनों मे दर्द हो तो हल्दी की गाँठ को पानी मे घिसकर लेप करने से दर्द दूर हो जायेगा l

दाद का उपाय - दाद होने पर तीन बार दिन मे और एक बार रात मे सोते समय हल्दी का लेप करते रहने से दाद ठीक हो जायेगा l

गीली खुजली (स्कैबीज) - शरीर पर कही भी या हाथ पैरो की उंगलियों के बिच मे मवाद भरी फूंसिया निकले, गीली खुजली हो तो एक चम्मच हल्दी एक चम्मच हल्दी, एक कप गर्म दूध, चौथाई चम्मच देसी घी, स्वाद के अनुसार शक़्कर डालकर सुबह शाम पीये l 250 ग्राम सरसो के तेल मे डूब का रस 500 ग्राम आधा पाँव हल्दी पानी डालकर पिसकर सबको लोहे की कड़ाई मे डालकर मिला ले तथा गर्म करे l फुंसीयों को साफ करके लगाने से फूंसिया सुख जाती है l

काले दाग धब्बे हो तो हल्दी की गाँठ पानी मे घिसकर लेप करे लाभ होगा l

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