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हाथ पैरों में मेहंदी लगाने के फायदे - स्वास्थ्य पत्रिका

मेहंदी जिसे हिना भी कहते हैं, मेंहदी को इंग्लिश में (Heena Plant) तथा वैज्ञानिक नाम- लॉसोनिया आल्बा (Lawsonia alba) के नाम से जाना जाता है l मेहंदी का प्रयोग किया शरीर को सजाने का एक साधन होता है। इसे हाथों, पैरों, बाजुओं आदि पर लगाया जाता है। इसके अलावा त्वचा, बाल, नाखून, चमड़ा और ऊन रंगने के काम में प्रयोग किया जाता है। इससे ही मेहंदी भी लगायी जाती है l

मेहंदी हिना नामक पौधे/झाड़ी की पत्तियों को सुखाकर पीसा जाता है। फिर उसका पेस्ट लगाया जाता है। कुछ घंटे लगने पर ये रच कर लाल-मैरून रंग देता है, जो लगभग सप्ताह भर चलता है।

हाथों में मेहंदी लगाने के फायदे
हाथों में मेहंदी लगाने के फायदे

भारतीय नारी का श्रंगार है मेहंदी

मेहंदी का प्रयोग प्राचीनकाल से होता आ रहा है। सभी किशोरियाँ और स्त्रियाँ मेहंदी को बड़े शौक से लगाती है, रचाती है, यहाँ तक की लड़कियां और स्त्रियाँ ही नहीं बल्कि कई पुरुष भी मेहंदी के बड़े शौकीन होते है l हमारी भारतीय संस्कृति में मेहंदी का प्रचलन प्राचीनकाल से होता आ रहा है, क्योंकि मेहंदी नारी श्रृंगार का एक अभिन्न अंग है जिसके बिना हर रीति-रिवाज अधुरा माना जाता है l विवाह के समय मेहंदी की रसम भी की जाती है l



मेहंदी के घरेलु औषधि उपचार 

मेहंदी का उपयोग श्रंगार के लिए किया जाता है हाथ पैरो की सुंदरता के लिए शादी विवाह जैसे शुभ अवसरों पर मेहंदी का प्रयोग किया जाता है लड़किया और औरते तो मेहंदी की दीवानी होती है l मेहंदी का प्रयोग हाथ पैरो के लिए ही नहीं बल्कि अनेक प्रकार के रोगों में भी औषधि के रूप में, उपचार करने के लिए मेहंदी का प्रयोग किया जाता है l

मेहंदी के घरेलु औषधि उपचार

मुँह में छाले - 50 ग्राम मेंहदी को दो गिलास पानी में भिगो कर उस पानी से कुल्ले करने से मुँह के छाले मिटते हैं अथवा इसके पतों को मुँह में रखकर चबाने से भी मुँह के छाले ठीक हो जाते हैं।

फोड़े-फून्सी - मेंहदी को उबालकर उसके पानी सेफोड़े फुंसी धोने से फोड़े फुंसी जल्दी ठीक हो जाते है l  

मसूड़े के रोग - मसूड़े के ऐसे असाध्य रोग जो दूसरी औषधियों से न ठीक होते हों मेहंदी के पत्तों के उबले हुए पानी से कुल्ला करने से ठीक हो जाते हैं।

पैरों की जलन - गर्मी के दिनों में जिन लोगों के पैरों में निरन्तर जलन होती है उनके पैर में मेहंदी लगाने से लाभ होता है।

पैरों की अँगलियाँ गलना - पाँव की अँगलियाँ गलती हों, कटती हों तो सरसों का तेल लगाकर मेंहदी छिड़कें पानी में काम करने से यदि अँगलियाँ गल गई हों तो मेहंदी का एक भाग और इसकी आधी हल्दी दोनों को मिलाकर नित्य दो बार लगाने से लाभ होता है । हाथ पाँव फटने लगें तो मेंहदी लगाइये, मेहंदी को लगाने से जो फायदा होगा आप स्वयं देखेंगे। यहाँ तक कि घाव पर भी मेहंदी का लेप करे, लाभ होगा l शरीर का कोई भाग यदि गलने लगे तो मेहंदी का उपयोग हितकारी है। यह परिक्षण किया हुआ परीक्षित उपचार है।

बाल काले करना - 50 ग्राम मेहंदी, आधा चम्मच कॉफी, 25 ग्राम आँवला, दध में भिगोकर बालों में लगायें। एक घण्टे बाद पानी से सिर धोयें। यह सप्ताह में दो बार करें । सफ़ेद खिचड़ी बाल काले सुनहरे हो जायेंगे। मेंहदी आँवला पिसा हुआ भी बाजार में मिलता है । ये भी काम में ले सकते हैं।

बालों में मेहंदी लगाने के फायदे

पथरी रोग - 6 ग्राम मेंहदी के पत्ते 500 ग्राम पानी में उबालें, जब 50 ग्राम पानी रह जाये तो छानकर गर्म-गर्म यह पानी पिलायें। यह पाँच दिन करें । पथरी निकल जायेगी । गुर्दे के रोग ठीक हो जायेंगे।

अलाइयाँ (Prickly Heat) - गर्मी में पीठ और गले पर व शरीर की नरम त्वचा पर छोटी-छोटी मरोड़ी (घमौरियाँ) होने लगती हैं। जिन्हे अलाइयाँ भी कहते है l मेंहदी के लेप से एकदम उनकी जलन मिटकर लाभ हो जाता है। यह आजमाया हुआ परीक्षित उपचार है।

ठण्डापन - मेहंदी के इस्तेमाल से दिमाग ठण्डा और शान्त रहता है। उच्च रक्तचाप वाले रोगियों को पैरों के तलवों और हथेली पर मैंहदी का लेप समय-समय पर करने से आराम मिलता है। मेंहदी रचाने से शरीर की बढ़ी गर्मी बाहर निकलती है। तन-मन में ठण्डक महसुस होती है। गर्मी बाहर को निकलती रहती है। मेंहदी के फूल शरीर की बढ़ी गर्मी समाप्त करते हैं।

रात को मेंहदी स्वच्छ पानी में भिगो दें, सवेरे निथार कर पानी पीयें। शरीर में शीतलता के साथ रक्त की सफाई भी होगी और एलर्जी वाले रोगियों के लिए यह बड़ी गुणकारी चिकित्सा है। ऐसे पानी का सेवन शरीर से विजातीय द्रव्य बाहर निकालता है। रक्त में शीतलता बनाये रखने के लिए और त्वचा-रोगों से सुरक्षा हेत मेंहदी का पानी पीयें और मेंहदी को गर्मी के मौसम में हर प्रकार से उपयोग करें।



मिरगी रोग में दो कप दूध में चौथाई कप मेंहदी के पत्तों का रस मिलाकर देने से रोगी को आशा से,अधिक लाभ होता है। यह नित्य प्रातः खाना खाने के दो घंटे बाद कछ सप्ताह तक दें।

थकान - रेस करने वाले युवक, क्रिकेट खेलने वाले जवान यदि मेंहदी अपने पैरों के तलवों पर लगायें तो थकान भी कम होती है और शीतलता रहती है।


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