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दही खाने के फायदे और नुकसान बताइये - स्वास्थ्य पत्रिका

जानिए दही खाने के फायदे और नुकसान, दही का सेवन करने से यह 15 बीमारियाँ पास नहीं आती 

दही में प्रोटीन की क्वालिटी श्रेष्ठ होती है। दही जमने की प्रक्रिया में बी विटामिनों, विशेषकर थायमिन, रिबोफ्लेवीन और निकोटेमाइड की मात्रा दुगनी हो जाती है। दूध की अपेक्षा दही सरलता से पचता है। दही की प्रकृति (तासीर) गर्म होती है l 

दही एक दुग्ध-उत्पाद है जिसका निर्माण दूध के द्वारा होता है। दूध को थोड़ा सा गर्म करके जामवन डाली जाती है l उसके बाद उसे रख दिया जाता है दही जमने के बाद ठन्डे स्थान, फ्रिज में रख सकते है l

दही खाने के फायदे और नुकस्सन

दही में कौन-सी विटामिन पायी जाती है? 

खाने में दही का प्रयोग पिछले हजारों साल से किया जा रहा है। आज इसका सेवन दुनिया भर में किया जाता है। यह एक स्वास्थ्यप्रद पोषक आहार है। दही में विटामिन B6 और विटामिन B12 विटामिन पाई जाती है l प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होता है।

दही में कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ होते हैं, जिसके कारण यह दूध की अपेक्षा जल्दी पच जाता है। जिन लोगों को पेट की बीमारियाँ - जैसे- अपच, कब्ज, गैस जैसी बीमारियाँ घेरे रहती हैं, उनके लिए दही या उससे बनी लस्सी, मट्ठा, छाछ का उपयोग करने से आंतों की दूर हो जाती है। डाइजेशन अच्छी तरह से होने लगता है और भूख खुलकर लगती है।

दही एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो खाने में स्वास्थ्यवर्धक तो है ही साथ ही ये सौंदर्य निखारने के लिए भी अच्छा स्रोत माना जाता है। गर्मियों में अक्सर तेज धूप शरीर पर पड़ने से त्वचा झुलस जाती है, तो दही में बेसन मिलाकर लगाने से भी चेहरे पर चमक आती है।

दही कब नहीं खाना चाहिए?

दमा, श्वास, खाँसी, कफ, शोथ, रक्त, पित्त, ज्वर में दही न खायें। दही रात को नहीं खाना चाहिये। दही में शक्कर या शहद डाल कर, मीठा करके खाने से इसके गुणों में वृद्धि हो जाती है।

दही के औषधि गुण तथा दही का उपयोग कैसे करें?

अपच - दही में सेंका हुआ पीसा हुआ, जीरा, नमक और काली मिर्च डाल कर नित्य खाने से अपच ठीक हो जाता है। भोजन शीघ्र पचता है।

सिर-दर्द (आधे सिर में) - (1) जो सिर-दर्द सूर्य के साथ बढ़ता और घटता है इस तरह के सिर-दर्द को 'आधा सीसी' कहते हैं। 'आधा सीसी' का दर्द दही के साथ चावल खाने से ठीक हो जाता है। प्रातः सूर्योदय के समय सिर-दर्द आरम्भ होने से पहले नित्य दही में चावल मिलाकर खायें।

(2) दही, चावल और मिश्री मिलाकर सूर्योदय से पहले खाने से सूर्योदय के साथ बढ़ने-घटने वाला सिर-दर्द ठीक हो जाता है। इसे कम से कम छः दिन लें।

अर्श (रक्तस्रावी) - जब तक बवासीर में रक्त आता रहे तब तक केवल दही ही खाते रहें, अन्य कोई चीज न खायें । रक्तस्राव बन्द हो जायेगा।

शिशुओं का भोजन - बुल्गारिया के बालरोग विशेषज्ञ डॉ० असैन-फिकब के अनुसार दही, माँ के दूध के पश्चात् बालक का सर्वश्रेष्ठ आहार है। बुल्गारिया में जिन बच्चों को माँ का दूध उपलब्ध नहीं हो पाता है, उन्हें दही दिया जाता है।

आँतें - बुल्गारिया के ही गैस्ट्रो एन्ट्रोलोजिस्ट प्रो० ताशो ताशेव के अनुसार एन्टीबायोटिक्स देने के पश्चात् आँतों के बैक्टीरियल फ्लोरा पर पड़े कुप्रभाव को दही से बचाया जा सकता है।

हृदेय-रोग - उच्च रक्त दाबू, मोटापा तथा गुर्दे की बीमारियों में भी दही अत्यधिक लाभप्रद बताया गया है।


हृदय रोग नाशक - अमेरिका के प्रो० जार्ज शी मान के अनुसार दही हृदय-रोग की रोकथाम के लिये उत्तम वस्तु है। रक्त में बनने वाले कोलेस्ट्रोल नामक घातक पदार्थ मिटाने की क्षमता रखता है। कोलेस्ट्रोल नामक सख्त पदार्थ रक्त शिराओं में जमकर रख प्रवाह रोकता है और उससे ओटोरओस क्लीरोसिस नामक हृदय-रोग होता है। चिकने पदार्थ खाने वाले इसी रोग के शिकार होते हैं। इसलिए दही का प्रयोग उत्तम है।

बाल गिरने के कारण - (1) आवश्यकता से अधिक भावनात्मक दबाव से बाल अधिक गिरते हैं। औरतों में एस्ट्रोजन हारमोन की कमी से बाल अधिक गिरते हैं । भोजन में लौह तत्त्व विटामिन 'बी' तथा आयोडीन की कमी से बाल, असमय में ही अधिक गिरते हैं। 

दही खाने के फायदे

बालों को गिरने से रोकने के लिए दही से सिर धोना चाहिए। दही में वे सभी तत्व होते हैं, जिनकी स्वस्थ बालों को आवश्यकता रहती है। दही को बालों की जड़ों में लगाइये और बीस मिनट बाद सिर धोइये। ऐसा करने से बाल गिरना बंद हो जायेंगे l इसके अलावा बाल मजबूत होंगे, डेंड्रफ नहीं होगा तथा बाल काले और घने हो जायेंगे l 

(2) एक कप दही में पिसी हुई 10काली मिर्च मिलाकर सिर धोने से सफाई अच्छी होती है। बाल मुलायम एवं काले रहते हैं तथा बाल गिरना बन्द हो जाते हैं। कम से कम सप्ताह में एक बार इसी तरह बाल धोयें।

काले बाल - आधा कप दही में एक नींबू निचोड़ कर् मिला लें। इसे बालों पर मलें और 20 मिनट रहने दें और फिर सिर धोयें तो इससे बाल मुलायम एवं काले हो जाएँगे।

फरास - एक कप दही में नमक मिलाकर बिलोलें, फेंट लें। इससे बालों को मलकर धोये फर्रास दूर हो जायेंगी। 

फोड़े में सूजन, दर्द, जलन हो तो पानी निकाला हुआ दही बाँधें। एक कपड़े में दही डालकर पोटली बाँध कर लटका दें। इससे दही का पानी टपक जायेगा। फिर इसे फोड़े पर लगाकर पट्टी बाँध दें। दिन में तीन बार पट्टी बदलें।

अनिद्रा - दही-चीनी खाने से नींद अच्छी आती है इसके लिए आप दही में पिसी हुई काली मिर्च, सौंफ तथा चीनी मिलाकर खाने से नींद क जायेगी।दही

भाँग का नशा - ताजा दही खिलाते रहने से भाँग का नशा उतर जाता है। शरीर से दुर्गन्ध आने पर दही और बेसन मिलाकर शरीर पर मलें।
कैंसर की दवा - राष्ट्रीय डेयरी संस्थान के वैज्ञानिको ने काफी परिश्रम के बाद अपना यह मत व्यक्त किया कि दही कई प्रकार के कैंसर की सम्भावा को समाप्त कर देता है। दही का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी है। यों दही दूध को जमाने से बनता है परन्तु दूध दही के रूप में बदलने पर अपने गुणों में वृद्धि कर लेता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार दही खाने के एक घण्टा बाद ही उसके 81 प्रतिशत अंश को शरीर आत्मसात् कर देता है, जबकि दूध सेवन के एक घण्टे के बाद केवल 32 प्रतिशत अंश ही शरीर आत्मसात् कर पाता है। दही से शरीर की फालतू चर्बी कम होती है। इसलिए मोटापा कम करने के लिए दही या मट्ठे का सेवन बहुत उपयोगी है l

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