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रोज सुबह बादाम खाने के फायदे - स्वास्थ्य पत्रिका

बादाम को इंग्लिश में (ALMOND) कहते है वैज्ञानिक नाम-प्रनस एमिग्डेलस (Prunus amygdalus) है l बादाम में चूना, लोहा फासफोरस अधिक पाया जाता है। जो बच्चों की हड्डियाँ मजबूत करता है। रोज सुबह खाली पेट बादाम खाने से स्मरण शक्ति बढ़ी है शरीर की दुर्बलता दूर होती है l आँखों की ज्योति बढ़ती है तथा शीघ्रपतन दूर होता है l 


Benefits of eating almonds

एक दिन में 10 से 12 बारह बादाम ही खाना चाहिए l अधिक मात्रा में बादाम का सेवन न करें l जिन लोगो लोगों का पाचन तंत्र कमजोर होता है, उन्हें बादाम आसानी से नहीं पचता है l बादाम का अधिक सेवन करने से नुकसान भी हो सकता है, पेट में गैस, अपच जैसे समस्या उत्पन्न हो सकती है l 

बादाम के घरेलू नुस्खे - Almond home remedies

बादाम को भिगो कर खाने से बादाम गुणों में वृद्धि होती है सूखा बादाम की जगह भीगे हुये बादाम खाने से फायदे अधिक होते है l अनेक रोगों में लाभकारी होते है जिनमें से पेशाब की जलन, खुलकर मासिक धर्म आना, दिल और दिमाग़ की दुर्बलता दूर होना, आँखों के रोग, मोटापा बढ़ाना इत्यादि में बादाम भिगो कर खाना चाहिए l

पेशाब में जलन - पाँच बादाम की गिरी भिगो दें और फिर छील कर इनमें सात छोटी इलायचियाँ और स्वादानसार मिश्री मिला कर पीस कर एक गिलास पानी में घोल कर सुबह-शाम दो बार पीयें तो ऐसा करने से पेशाब की जलन ठीक हो जायेगी।

अल्प मासिक धर्म - एक बादाम और एक छुहारा रात को पानी में भिगों दें। प्रातः दोनों को पीसकर मक्खन, मिश्री के साथ तीन माह खायें, मासिक धर्म खुलकर अच्छी मात्रा में होगा।

स्मरण- शक्ति दौर्वल्यता - 10 बादाम रात को भिगो दें। सुबह दे छिलका उतार कर 12 ग्राम मक्खन और मिश्री मिलाकर एक दो माह खाने से मस्तिष्क की कमजोरी दर हो जाती है।

यदि यह सम्भव न हो तो 40 दिन तक सात बादाम, मिश्री ,सौंफ प्रत्येक दस ग्राम पीसकर रात को गर्म दूध से लेने से मस्तिष्क की दुर्बलता दूर होती है; स्मरण-शक्ति बढ़ती है तथा उससे नेत्र ज्योति तेज होती है। चश्मा लगाने की आवश्यकता नहीं रहती है। रात भर पानी न पीयें। 

यदि यह भी न हो सके तो दस बादाम बारीक पीस कर आधा किलो दूध में मिलायें। जब तीन उफान आ जायें तो उतार कर ठंडा कर के चीनी मिलाकर पीयें। बादाम की गिरी सौंफ समान मात्रा में बारीक कूट लें । एक चम्मच रात की सोते समय ठंडे पानी से ले l स्मरण शक्ति बढ़ेगी, सिर, दर्द, कमजोरी दूर होगी।

आँखों के हर प्रकार के रोग - आँखों से पानी गिरना, आँख आना, आँखों की दुर्बलता, औँखों का थकना आदि में रात को बादाम की गुली भिगोंकर प्रातः पीस कर पानी मिलाकर पी जायें। ऊपर से दूध पीयें। सब आँखों के रोग ठीक हो जायेंगे।

आँखों के रोगों का इलाज

चेचक - पाँच बादाम पानी में भिगोकर पीसकर पिलाने से चेचक के दाने शीघ्र भर जाते हैं तथा जल्दी ठीक हो जाते हैं।।

सूखी खाँसी में बादाम मुँह में रखने से गला तर रहता है, खाँसी में लाभ होता है। बार-बार निरन्तर खाँसी उठती हो, लेकिन कफ बाहर नहीं आता हो तो पांच बादाम भिगो दें और फिर उन्हें छील कर उतनी ही मिश्री मिला कर सुबह-शाम दो बार चाटें। खांसी में लाभ होगा।

मोटापा बढ़ाना (weight again) - बारह बादाम की मिंजी रात को पानी में भिगो दें। प्रातः छिलका उतार कर पीस लें। इसमें एक छटाँक मक्खन और थोड़ी सी शक्कर मिलाकर डबल रोटी के साथ खायें। ऊपर से एक पाव दूध पी लें। छः महीने में मोटे हो जाओगे l

तुतलाना (Stammering) - (1) नित्य 12 बादाम भिगोकर छील कर, शक्कर आधी छटाँक मक्खन मिलाकर कुछ महीने खाने से तुतलाना, हकलाना ठीक हो जाता है । साथ ही धीरे-धीरे बोलने और बिना घबराहट के बोलने का प्रयत्न करना चाहिए l

(2) दस बादम की गिरी, दस काली मिर्च दोनों को बहुत बारीक पीस कर मिश्री मिलाकर चाटने से तुतलाना होता है।

दाँतों की सफाई - बादाम का छिलका जलाकर ढक दें। दूसरे दिन पीसें और राख का पाँचवाँ भाग फिटकरी मिलाकर पुनः पीस लें। इससे मंजन करने से दाँत साफ होंगें एवं सभी रोग दूर रहेंगे।
दाँतो की सफाई

दाँत खट्टे हो जायें, होंठ फट जायें तो 5 बादाम खायें। दाँतों की मजबूती के लिए बादाम के छिलके जलाकर बुझाकर पीसकर, सैंधा नमक मिलाकर मंजन करें।

वीर्य-स्वलन - जिनका वीर्य सम्भोग के आरम्भ होते ही स्खलत हो जाये (शीघ्रपतन) उन्हें बादाम की गली 6, काली मिर्च 6 दाने, सौंठ 2 ग्राम मिश्री इच्छानसार, इन सबको मिलाकर चबा-चबाकर खायें, ऊपर से दध पीयें। शीघ्र पतन दूर हो जायेगा l

शक्तिवर्धक - बारह बादाम की गिरी रात को भिगो दें। सबेरे पीस लें। फिर कलई नाली पीतल की कढ़ाई में धी डालकर, उसमें पीसे हुए बादाम को डालकर सेकें। लाल होने में पहले ही आधा पाव दूध डालें। इसे गर्म-गर्म पी जायें। इससे शरीर हष्ट पुष्ट होगा , वीर्य बढ़ेगा , दुर्बलता दूर होगी।

याददाश्त बढ़ाने के उपाय

पीलिया - 6 बादाम, 3 छोटी इलायची, दो छुहारे रात को मिट्टी के कोरे कुल्हड़ में भिगोयें। प्रातः बारीक पीसकर 70 ग्राम मिश्री, 50 ग्राम मक्खन मिलाकर चटायें। तीसरे दिन ही पेशाब साफ आयेगा। यह अनुभूत है।
झाँई, धब्बे - (1) पाँच बादाम गिरी रात को भिगो दें। प्रातः छिलका उतार कर बहुत बारीक पीसें और शीशी में भरलें। इसमें 60 ग्राम गुलाब जल, 15 बूँद चन्दन का इत्र मिलाकर हिलायें। चेहरे, बदन पर जहाँ कहीं भी धब्बे, झाँई हो, नित्य तीन बार लगायें। जहाँ गहरा धब्बा हो वहाँ ज्यादा मात्रा में लगी रहने दें। इससे झाँई, धब्बे ठीक हो जायेंगे ।

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