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अरण्डी का तेल के फायदे | औषधीय प्रयोग | घरेलु उपचार | स्वास्थ्य पत्रिका

अरण्डी का तेल के फायदे, औषधीय प्रयोग, घरेलू उपचार - Castor oil benefits, aushdhiya prayog, Home remedies  

अरण्डी का तेल को इंग्लिश में castor oil बोलते है इसका वैज्ञानिक(साइंटिफिक नाम - रिसिनस कम्युनिस (ricinus communis) है l अरंडी का तेल एक वनस्पति तेल है जिसे अरंडी की मींगी को दबा कर निकाला जाता है l
अरण्डी का तेल के फायदे
अरण्डी का तेल के फायदे
भारत, पाकिस्तान और नेपाल में खाद्यान्न अरंडी के तेल के उपयोग से किसी प्रकार के जीवो से सुरक्षित रखता हैं। यह चावल, गेहूं और दालों को सड़ने से रोकता है। उदाहरण के लिए, फलीदार अरहर दाल आमतौर पर विस्तारित भंडारण के लिए इस तेल का उपयोग करते है लेप करते है l

अरंडी के तेल का उपयोग क्रीम, कॉस्मेटिक, मॉइस्चराइज़र के उत्पादों में किया गया है। बाल कंडीशनिंग बढ़ाने के लिए भी यह अच्छा माना जाता है। रूसी खत्म करने वाले गुणों के कारण भी इसे इस्तेमाल किया जाता है।

एरंड के पत्ते के फायदे - Benefits of castor leaf

हाथ, पैर की मोच - हाथ पैर में मोच आ जाती है सूजन आ जाती है अरण्डी के पतों को आग में चूले में अच्छा गरम करके मोच को सेक करे, अरण्डी के तेल से मालिश करें गरम पत्ते कपडे में लपेटकर मोच पर बाँध दे आराम हो जायेगा l दो तीन दिन तक बाँधे मोच ठीक हो जायेगी l

अरण्डी के पत्ते के फायदे

सर्प दंश - 'एरण्ड की कोंपलें दस ग्राम, 5 काली मिर्च, दोनों को पीसकर पानी में मिलाकर पिलादें। इससे उलटी होगी, कफ निकलेगा। थोड़ी देर बाद पुनः इसी तरह पिलायें। इससे विष बाहर निकलेगा ।

अरण्डी के तेल का औषधीय प्रयोग  - Medicinal use of castor oil

कब रोग - सोते समय दो चम्मच अरण्डी का तेल पीने से कब्ज दूर होती है दस्त साफ आता है l इसे गर्म दूध या गर्म पानी में मिलाकर दे सकते है l नवजात शिशु  दापी आये या पेट फुले, पेट दर्द होने पर अरण्डी का तेल को दो तीन बून्द दे सकते है ज्यादा न दे l  

अर्श होने पर - अर्श बाहर निकले हुए होने पर नित्य एरण्ड का तेल लगाने से सख जाते हैं, दर्द दूर होता है। पिचकारी य अन्य किसी तरह गदा पर भी लगायें।

पायरिया (Pyorrhaea) - एरण्ड का तेल और कपूर मिलाकर नित्य दो बार सुबह, शाम मसड़ों पर मनने से पायोरिया में लाभ होता है।

सौन्दर्यता -  एरण्ड के तेल में चने का आटा मिलाकर चेहरे पर रगड़ने से झाँई आदि मिटकर चेहरा सुन्दर हो जाता है।

थोड़ा-सा अरंडी का तेल लीजिए और इसे गुनगुना गर्म करके हल्के हाथों से चेहरे की मालिश कीजिए।आप रात को सोने से पहले इसे लगाएं और अगली सुबह उठकर ठंडे पानी से मुंह धो लीजिए।

नाखून की सुंदरता -  अरण्डी के गुनगुने (हल्के गर्म) तेल में नित्य नाखूनों को कुछ मिनट डबोये रखें, फिर उसी तेल की मालिश करें। यदि डुबोना संभव नहीं हो तो गर्म तेल में रूई डुबो कर नाखूनों पर रखें। इससे नाखून चमकने लगेंगे ।

कमर दर्द - कमर दर्द होने पर एरण्ड के बीज की 5 मींगी दूध में पीस कर पिलाने से लाभ होता है।


कहीं चोट लग कर रक्त आने लगे, घाव हो, एरण्ड का तेल लगा कर पट्टी बाँधने से लाभ होता है।

तिल, मस्से (Warts), चेहरे पर धब्बे, धट्टा-आटन, कील (Corns), स्तनों में अधिक  दूध पैदा करने आदि के लिए एक दो माह तक सुबह, शाम एरण्ड का तेल मलते रहने से ठीक हो जाते हैं। मस्से, आटन पर तेल में कपड़ा भिगोकर पट्टी बँधी रखें।

हाथ, पैर फटना, बिवाइयाँ चलना - पैरों के गर्म पानी से धोकर एरण्ड का तेल लगायें। बिवाई फटना बंद हो जायेगा।

आँख में मिट्टी कंकरी गिर जाये, धुआँ,तीव्र गंध से दर्द हो तो एरण्ड के लेल की एक बूँद आँख में डालने से लाभ होता है । तेल डालने के बाद हर 25 मिनट में सेक करें ।

वायु गोला - पेट में गाठ की तरह उभार को वायुगोला कहते हैं। यह घटता बढ़ता है। एरण्ड का तेल दो चम्मच, गरम दूध में भिलाकर पीने से इसमें लाभ होता है।

स्तन की बीटनी का अगला भाग, चूचुक (Nipple) में उभार न हो, कटी हुई अस्वस्थ हो तो एरण्ड के तेल की मालिश करने से लाभ होता है।

गठिया रोग - पेट में आँव दब जाने में गठिया हो जाती है। गठिया में एरण्ड का तेल कब्ज दूर करने हेतु सेवन करें। इससे आँव बाहर निकलेगी और गठिया में आराम होगा।

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2 टिप्पणियां

Mishay jhamb ने कहा…
काफी अच्छी जानकारी दी है इस लेख में. अरण्डी का तेल बालों के लिए तो अच्छा है ही साथ ही साथ स्किन के लिए भी अच्छा है. धन्यवाद!
Mishay jhamb ने कहा…
काफी अच्छी जानकारी दी है इस लेख में. अरण्डी का तेल बालों के लिए तो अच्छा है ही साथ ही साथ स्किन के लिए भी अच्छा है. धन्यवाद!