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बुढ़ापा क्या है, बुढ़ापा रोकने के उपाय - स्वास्थ्य पत्रिका

  • बुढ़ापा क्या है, बुढ़ापे को रोकने के उपाय, budhapa kya hai, budhape ko rokne ke upay 

बुढ़ापे का अर्थ है शरीर में धमनियों का सिकुड़ कर रोग ग्रस्त हो जाना यही कारण है कि बुढ़ापे पर इंसान के शरीर पर झुर्रिया पड़ जाती है l

हम सब जानते हैं कि बुढ़ापे को रोका नहीं जा सकता l हम आपको ऐसी कोई जानकारी नहीं देंगे जिससे बुढ़ापे को रोका जा सकता है l बुढ़ापा आसान हो जाएं रोग ग्रस्त न हो, दुखदायी न हो इसके लिए आपको महत्व पूर्ण जानकारी जरूर देंगे l बचपन, जवानी, बुढ़ापा, ये बुढ़ापा जीवन चक्र है हर जीव का जन्म होता है धीरे-धीरे बड़ा होता है जवान होता है और बुढ़ापा आता है शरीर के सभी कलपुर्जे घिस जाते है l ये सभी सजीव प्राणियों में जीवन चक्र चलता है मनुष्य हो, पशु हो, पक्षी हो या फिर पेड़ पौधे समस्त सजीव प्राणियों में जीवन चक्र चलता है l जो जन्म लेता है उसे मरना है l ये एक ऐसा सच है जिसे कोई झुठला नहीं सकता l ये संसार नश्वर है इसमें कुछ भी अमर नहीं है l
budhape ko rokne ke upay, budpa kya hai

बुढ़ापा दूर करने के लिये, budhapa dur karne ke liye 

कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, खनिज लवण और पानी का भोजन में होना नितांत आवश्यक है। आंवला, लहसुन, प्याज, करेला, दालें, हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज पोषक तत्त्वों से भरपूर होते हैं। घी, दूध, शहद, को मक्खन, दही आदि भोज्य पदार्थ आयु बढ़ाते हैं। लगातार दूध पीने से बल बढ़ता है। आयु-बलवर्द्धक को आयुर्वेद में घी तथा दूध माना गया है। मिठाई और शक्कर का अधिक प्रयोग किया जाये तो आलस्य, मोटापा, स्वरभेद, अरुचि, मूत्र रोग, नेत्र रोग आदि रोग घेर लेते हैं। खट्टे पदार्थ ज्यादा लेने पर पित्त की वृद्धि होती है और खून को प्रदूषित करते हैं। नमक का ज्यादा सेवन अत्यधिक हानिकारक है, इससे अम्लपित्त, गठिया, रक्तपित्त, नपुंसकता, गंजापन आदि रोग उत्पन्न हो जाते हैं।

बुढ़ापे पर कैसे लगाम लगाएं

अगर आप चाहते है कि बुढ़ापा जल्दी न आये और आये तो दुखदायी न हो, रोग ग्रस्त न हो तो आपको आज से, अभी से अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की  जरुरत, दिनचर्या में सुधार करने की आवश्यकता है l आपको खान-पान, रहन-सहन के प्रति जागरूक होना पड़ेगा l आपको टाइम से सोना टाइम से उठना प्रयाप्त नींद लेना, उत्तम भोजन करना, मानसिक चिंता मुक्त रहना सदा खुश रहना, योगा, आसन करना, सुबह घूमने जाना, आप अपने समय अनुसार दिनचर्या बना सकते है l आप हमेशा फिट रहना चाहते है तो फुटबाल, क्रिकेट, रकबी जैसे खेलो में जरूर भाग ले l

जल्दी बुढ़ापा आने का कारण, jaldi budhapa aane ka kaaran

1. नींद पूरी न होना

बुढ़ापा को दूर रखना चाहते है तो आपको रात में प्रयाप्त 6-8 घंटे निरंतर सोना चाहिए l रात को जल्दी सोना सुबह जल्दी (सूर्योदय से पहले) उठना चाहिए l नींद पूरी नहीं होती है तो शरीर में कई प्रकार के रोग होने लगते है l आँखे लाल होती है, आँखों में दर्द, सर दर्द, आँखों की रैटिना कमजोर हो जाती है l नींद में सिर्फ आँखे ही नहीं हमारा शरीर भी सोता है l हमारी स्किन (त्वचा) भी सोती है, न सोने के कारण त्वचा मुरझा जाती है l नींद में आलौकिक शक्ति हमारे शरीर में ऊर्जा का संचार करती है l जिससे हम अगले दिन काम कर सके l

2. उत्तम भोजन करना  

उत्तम भोजन से मेरा मतलब है हल्का भोजन करना जिससे हमारे शरीर को भोजन को पचाने में ज्यादा ऊर्जा खर्च न करनी पड़े l जैसे मेदा से बने पदार्थ, मटन-चिकन, ज्यादा तली हुई चीजे, फ़ास्ट फ़ूड, चटपटे मसालेदार खाना l ये सभी भोजन को पचाने में हमारे शरीर में बहुत ऊर्जा खपत होती है l ऐसे भोजन करने से हमारी आंते, लीवर, गुर्दा सभी पर बुरा असर पड़ता है l ये जवानी में तो आसानी से काम करते है जैसे ही बुढ़ापा आता है इनका असर दिखने लगता है l

3. अनावश्यक वीर्य स्खलन 

बुढ़ापे में वीर्य का बहुत महत्व पूर्ण कार्य है आप हमेशा जवान रहना चाहते है तो आपने वीर्य को बच्चा कर रखिये ये व्यक्ति का पुरुषार्थ है, बल है, इसको गलत आदतों, के कारण नष्ट न करे l ये अमूल्य है l वीर्य को सुरक्षित रखिये l जब तक आपके पुरुषार्थ है बुढ़ापा आपसे उतना ही दूर है आपके पास पुरुषार्थ नहीं आपको जवानी में ही बुढ़ापे के शिकार हो जायेगे l
बुढ़ापे पर कैसे लगाम लगाएं

4. चिंता करना 

चिंता और चिता में सिर्फ एक बिंदी का फर्क है l चिंता चिता के समान है l चिंता करने से जल्दी बुढ़ापा आता है टेंसन की वजह से शरीर की त्वचा मुरझा जाती है त्वचा में झुर्रिया आ जाती है तेजी से वजन कम होने लगता है l आप धीर-धीरे बुढ़ापा की ओर बढ़ रहे है l बुढ़ापा से चिता की तरफ जा रहे है l इसलिए चिंता न करे l ऐसा कोई काम न करे जिसके कारण आपको चिंता हो l 

5. नमक का सेवन कम 

बुढ़ापा जल्दी आने का कारण
नमक 

बुढ़ापा जल्दी लाने में नमक भी चिंता की तरह ही काम काम करता है l आप तो जानते ही है जब भी देसी दवा का प्रयोग करते है तो हमेशा नमक का परहेज रखा जाता है क्योंकि  नमक दवा को गला देता है शरीर में लगने ही नहीं देता है l इसलिए नमक कम खाना चाहिए क्योंकि नमक में सोडियम होता है जो हड्डियों को गला देता है l मासपेशिओं को फुला देता है l बच्चे चिप्स आदि के माध्यम से नमक ज्यादा खाते है जिसके कारण वो फुक जाते है माता हो जाते है l

6. धूम्रपान करना छोड़ दे 

जो लोग तम्बाखू का सेवन करते है बीड़ी, सिगरेट पीते है उनके फेफड़े वक्त से पहले ही ख़राब हो जाते है उनको तो बुढ़ापा आने से पहले ही बुढ़ापे का शिकार हो जाते है मुँह का कैंसर, फेफड़े का कैंसर हो जाता है हमारे देश में तम्बाकू के कैंसर से मरने की संख्या हर साल बढ़ती ही जा रही है l शराब पीने वालों लीवर ख़राब हो जाते है किडनी खराब हो जाती है l असमय ही कैंसर के रोग का दर्द का सामना करना पड़ता है l 

7. प्रदूषण 

प्रदूषण की वजह से कई प्रकार के रोग उत्पन्न हो रहे है ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, थाइराइड पेरालेसिस, कैंसर इत्यादि बड़े गंभीर रोगों में कही ना कही इनडाइरेक्ट प्रदूषण जिम्मेदार है l सभी रोग किसी न किसी बेक्टेरिया की बजह से ही होते है और बेक्टेरिया प्रदुषण से ही पैदा होता है l बेक्टेरिया हवा में, पानी में, धरती पर कूड़े कचरे से बेक्टेरिया पैदा हो जाते है l 

प्रदूषण के प्रकार 

(1) जल प्रदूषण - जल प्रदूषण पानी में मिल रहे रासायनिक कैमिकल, कूड़ा कचरा, फैक्ट्रीयों से निकला जहरीला मालवा नालो में नदियों में फेंका जाता है जो बहकर समुद्र में पहुँचता है जिससे नदियों का पानी नालो का पानी तथा समुद्र का पानी प्रदूषित हो रहा है l पानी का उपयोग पीने में, खेती में करते है जिससे हमारे शरीर में बीमारिया होती है l कही ना कही इसका असर बुढ़ापे में ही देखने को मिलता है l
जल प्रदूषण, प्रदूषण, pollution
जल प्रदूषण 

(2) वायु प्रदूषण - वायु प्रदूषण वायु में फेल रही गैस से है फैक्ट्रीयों की चिमनी से निकला धुआँ वायु को प्रदूषित कर रहा है l रात दिन सड़को पर चल रहे वाहनो का धुंआ से भी वायु प्रदूषण हो रहा है l हमारी सांस के माध्यम से शरीर में पहुँचता है फेफड़ों को नुकसान पंहुचा रहा है l साथ ही कही प्रकार की बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है l
वायु प्रदूषण, प्रदूषण, pollution
वायु प्रदूषण 

(3) भूमि प्रदूषण - भूमि प्रदूषण भूमि पर फेकें जा रहे कचरे से हो रहा है l इससे हवा के माध्यम से हमारे शरीर में बैक्टेरिया पहुँचता है और हमें बीमार करता है l पोलोथिन धरती का तापमान बढ़ती है l धरती को बंजर बनती है जमीन में पानी को बैठने नहीं देती है और न ही नष्ट होती है l

(4) ध्वनि प्रदूषण - ध्वनि प्रदूषण से तात्पर्य आवाज से है, मंदिरो में माइक, घरों में "डी जे" बजते है l शदियों में जुलुस डी जे गाने इत्यादि से ध्वनि प्रदूषण  होता है जिससे ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है l हार्ट पेसेंट के लिए बहुत ही घातक सिद्ध होता है l बुढ़ापे में जब शरीर कमजोर होता है तब इसका असर देखने मिलता है l 

बुढ़ापा दूर करने का उपाय, budhapa dur karne ka upay

1. अलसी का फायदे और उपयोग 

अलसी बुजुर्गो तथा सभी वर्ग के लोगो को अलसी का सेवन करना चाहिए l अलसी ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर जैसे रोगों को शरीर से दूर रखती है l अलसी आपकी देह को ऊर्जावान, बलवर्धक, शुक्रवर्धक, तथा वीर्य वर्धक और माँसल बना देगी। शरीर में चुस्ती-फुर्ती बनी रहेगी, न क्रोध आयेगा और न कभी थकावट होगी। मन शांत, सकारात्मक और दिव्य हो जायेगा।

अलसी आधुनिक युग में स्तंभनदोष के साथ-साथ शीघ्रस्खलन, दुर्बल कामेच्छा, बांझपन, गर्भपात, दुग्धअल्पता की भी महान औषधि है। अलसी बस, 30 ग्राम रोज लेनी है। आपकी पाचन क्रिया कमजोर हो तो आप कम ले सकते है l क्योंकि अलसी बहुत ही हार्ड होती है आसानी से पचती नहीं है l ये लेट्रिन के रास्ते निकल जाती है इस लिए इसे चबा चबा कर खाना चाहिए या फिर आप पीस कर चूर्ण बना कर खा सकते है l

अलसी के सेवन से त्वचा चिकनी तथा मुलायम हो जाती है l आप और आपके जीवनसाथी की त्वचा को आकर्षक, कोमल, नम, बेदाग व गोरा बनायेगी। आपके केश काले, घने, मजबूत, चमकदार और
रेशमी हो जायेंगे।
Alsi ke beej, बुढ़ापा दूर करने का उपाय, budhapa dur ksrne ka upay
अलसी के बीज 

अलसी में ओमेगा-3 फैट, जिंक और मेगनीशियम  भरपूर होता है l ओमेगा-3 मछली के तेल में होता है जो लोग शाकाहारी है मछली नहीं खा सकते वो अलसी का सेवन करके लाभ उठा सकते है l

अलसी में विद्यमान ओमेगा-3 फैट तथा सेलेनियम और जिंक आर्जिनीन एव लिगनेन जननेन्द्रियों में रक्त के प्रवाह को बढ़ाती हैं l अलसी बुढ़ापे में शिथिल पड़ी क्षतिग्रस्त नाड़ियों का कायाकल्प करते हैं जिससे सूचनाओं एवं संवेदनाओं का प्रवाह दुरुस्त हो जाता है। नाड़ियों को स्वस्थ रखने में अलसी में बिद्यमान लेसीथिन, विटामिन बी ग्रुप, बीटा केरोटीन, फोलेट, कॉपर आदि की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। आप बुढ़ापे में भी जवानी जैसे शक्ति महसूस करेंगे l आप घोड़े के समान ऊर्जावान हो जायेंगे l

2. आंवला का सेवन 

आंवला में सभी रोगों को दूर करने की शक्ति होती है आंवला युवकों को यौवन प्रदान करता है और बूढ़ो को युवा जैसी शक्ति प्रदान करता है  l आंवला में विटामिन सी सर्वाधिक होता है l एक आंवला में दो संतरे का बराबर होता है l एक अच्छा आंवला एक अंडे से अधिक ताकत देता है l आंवला मस्तिष्क की कमजोरी, हृदय की बेचैनी, धड़कन, दाद, और ब्लड प्रेशर में लाभदायक है l आंवला शक्तिवर्धक, धातुवर्धक तथा स्वास्थ्यवर्धक है l

सूखा आंवला को पीस ले और हवा बन ज़ार में भरकर रख ले खाना खाने के बाद दो छोटी चम्मच रोज खाये l आप लम्बे समय तक जवान रहेंगे l बुढ़ापा देर से आयेगा l आप बुढ़ापे में भी जवानी महसूस करेंगे l

सूची
रक्तदान के फायदे और नुकसान 
नींबू का सेवन करने के फायदे और नुकसान 
केला खाने के फायदे, केला कब खाना चाहिए 
प्याज़ का सेवन करने का अद्भुत फायदे 
आंवला के फायदे और नुकसान 
टमाटर खाने के फायदे और नुकसान
जल्दी बुढ़ापा आने का कारण और उपाय 
गाजर खाने  के फायदे और नुकसान
स्पंदनदोष क्या है कारण और निवारण 
आलू के फायदे तथा औषधीय गुण
बुढ़ापा क्या है बुढ़ापा रोकने के उपाय
नारंगी के औषधीय गुण

3. लहसुन का सेवन 

यदि आप लहसुन का सेवन नियमित किया जाय तो असमय ही बुढ़ापे का शिकार होने से बचा जा सकता है l शरीर में धमनियों का सिकुड़ कर रोग ग्रस्त हो जाना यही कारण है कि बुढ़ापे पर इंसान के शरीर पर झुर्रिया पड़ जाती है l

लहसुन धमनियों को सिकुड़ने से नहीं बचाता परन्तु सिकुड़ी हुई रोग ग्रस्त धमनियों में जमे कोलेस्ट्रॉल को निकालकर पुनः ठीक कर देता है l

4. गेहूँ के पौधे का रस 

डॉ.एन.विगमोर कहती हैं कि संसार में ऐसा कोई रोग नहीं है जो इस रस के सेवन करने से अच्छा न हो मके। कैंसर के बड़े-बड़े भयंकर रोगियों को उन्होंने अच्छा किया है, जिन्हें डॉक्टरों ने अमाध्य समझकर जबाव दे दिया था और अस्पताल से निकाल दिये गये थे। ऐसी हितकर चीज यह अद्भुत (Wheat Grass Juice) साबित हुई है। अनेकानेक बवासीर, मधुमेह, गठियावाय पीलियाज्वर, दमा, खाँनी वगैरह के पुराने असाध्य रोगी उन्होंने इम साधारण रस से, अच्छे किये हैं। गेहूँ बढ़ापे की कमजोरी दूर करने में तो यह रामबाण हैं। भयंकर फोड़ों और घावों पर इसकी लूगदी बाँधने से जल्दी लाभ होता है।अमेरिका के अनेकानेक बड़े-बड़े डॉक्टरों ने इस बात का समर्थन किया है और अब बम्बई व गुजरात प्रान्त में भी अनेक लोग इसका प्रयोग करके लाभ उठा रहे हैं ।

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