प्रेगनेंसी में मौसमी जूस के फायदे - स्वास्थ्य पत्रिका

प्रेगनेंसी में कौन सा जूस पीना चाहिए, garbhavastha mein juice pina chahiye

मौसमी एक फल है। मौसमी का फल संतरे के बराबर आकार का होता है। इसे मौसमी कहते हैं। उत्तर प्रदेश मे इसे 'मीठा नींबू' के नाम से जाना जाता हैं। सभी प्रकृतिवालों को और सभी अवस्थाओं में इसका सेवन लाभकारी है। गर्भावस्था में मौसमी और नारंगी का रस पीना बहुत ही ज्यादा गुणकारी है इससे बच्चा और माँ दोनों स्वस्थ रहते है l भूख की स्थिति में इसका सेवन अमृत के समान है और भोजन करने के बाद भोजन का पाचन करती है। अधिक पेशाब आने और दस्तों लगने पर मौसमी का सेवन करना चाहिए। मौसमी बहुत मीठा पौष्टिक आहार हैं तथा इसका रस निकाल कर पीना और भी ज्यादा फायदेमंद होता है। इसे हर उम्र के लोगो के लिए फायदेमंद है l इसे नियमित खाने से औषधि जैसे परिणाम मिलते हैं।
मौसमी में 43 कैलोरी होती है मौसमी का वैज्ञानिक नाम Citrus limetta है l मौसमी में पोटैशियम 490 mg, कैल्शियम 40 mg, वसा 300 mg तथा आयरन 700 mcg पाया जाता है l
प्रेगनेंसी में मौसंबी जूस पीने के फायदे
प्रेगनेंसी में मौसंबी जूस पीने के फायदे

जुकाम होने पर - जिन व्यक्तियों को बार-बार जुकाम, सर्दी लग जाती है, वे थोड़े समय तक मौसमी का रस पी कर इससे स्थाई रूप से बच सकते हैं। मौसमी के रस को हलका सा गर्म करके 5 बूंद अदरक का रस डाल कर पीना अधिक गुणकारी है।

ताकत के लिए - मौसमी का रस पांचनाग, मस्तिष्क और यकृत को शक्ति तथा स्फूर्ति देता है। इसका रस खाये हुए भोजन को शरीर का अंश बनाने में सहायता करता है। जटिल रोगों तथा ज्वर में इसका रस सेवन करने से रोगी दुर्बल नहीं होता। रोगी के शरीर से इन रोगों का विषैला पदार्थ निकल जाता है तथा स्वस्थ होने में सहायता मिलती है। इसका रस कई दिन तक पीते रहने से दस्त प्राकृतिक रूप से आने लग जाता है। कब्ज़, सिर दर्द, काम करने में मन न लगना, थोड़ा काम करने पर थक जाना, रात को नींद न आना आदि कष्ट दूर हो जाते हैं। नई स्फर्ति और शक्ति आ जाती है। बच्चों को मौसंबी का रस दूध में मिला कर पिलाना
चाहिए।
हृदय रोग के लिए - मौसमी के लगातार प्रयोग से रक्त वाहिनियाँ कोमल और लचकीली हो जाती हैं। उनमें एकत्रित कोलैस्ट्रोल (विषैला पदार्थ जो हृदय को फेल करने में सहायक और रक्त प्रवाह में बाधा डालता है) शरीर से निकल जाता है और शरीर में ताजा रक्त, विटामिन और आवश्यक खनिज लवण पहुँचा देता है। हृदय और रक्त-संस्थान, रक्त वाहिनियों और कैपलरीज को शाक्तिशाली बनाने में मौसमी सर्वोत्तम है।

गर्भवती का भोजनमौसमी में कैलशियम अधिक मात्रा में सिलता है। गर्भवती स्त्रियों और गर्भाशय नें बच्चे को शक्ति प्रदान करने के लिए इसका रस पौष्टिक है। गर्भवती महिलाओं के लिए मोसंबी का जूस काफी फायदेमंद रहता है l ये जच्चा और बच्चा दोनों की सेहत का ध्यान रखता है l 

गर्भावस्था में मौसंबी जूस पीने के फायदे
गर्भावस्था में मौसंबी जूस पीने के फायदे
मौसमी स्कर्वी रोग को ठीक करता है और स्कर्वी विटामिन सी की कमी से होने वाला रोग है l मसूड़ों से खून आना, मसूड़ों में सूजन, दांत हिलना या दर्द करना, मुँह के छाले आदि स्कर्वी रोग के लक्षण हैं l चूँकि मौसमी विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, इसमें अम्लीय तत्व तथा विटामिन सी प्रयाप्त मात्रा में मौजूद हैं l इसीलिए इसका नियमित सेवन स्कर्वी से बचने का अचूक उपाय है l

दाँत दर्द करना या मसूड़ों से खून आने पर मौसमी के जूस को पानी के साथ लगाने पर मसूड़ों से खून आना तथा दाँत दर्द करना बंद हो जाता है.

त्वचा की सुंदरता - मौसमी का रस पीने से चेहरे पर कील, मुहांसे ठीक हो जाते है चेहरे पर लाली आ जाती है, होंठ फटना बंद हो जाते है होंठ लाल, नर्म था खूबसूरत हो जाते है, त्वचा चिकनी तथा कोमल, मुलायम तथा लचीली हो जाती है l मौसमी आपकी त्वचा को सुन्दर चमकदार बनाती है l चेहरे पर कील मुहांसे के निशान रह जाते हैं l  मौसमी के गूदे का लेप लगाने से दाग, धब्बे, काले घेरे कम होने लगते हैं l

Pregnancy में मौसंबी जूस पीने के फायदे
Pregnancy में मौसंबी जूस पीने के फायदे

मौसमी का सेवन पर की बीमारियों के लिए रामबाण है l पेट में गैस बनती हो, कब्ज, मरोड़ आदि बीमारी में फायदेमंद मौसंबी में मौजूद एसिड कब्ज के लिए दोषी टोक्सिन को बढ़ने नहीं देते l मौसमी में फाइबर तत्व भी कब्ज की शिकायत को कम करने में में सहायक होते हैं. 

दमा, खाँसी -  मौसमी के रस में, रस का आधा भाग गर्म पानी, जीरा, सौंठ मिलाकर पिलायें। टाइफाइड (Typhoid) में मौसमी लाभदायक है l मौसमी का रस रक्तशोधक है। चर्मरोगों में लाभकारी है।