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सेब खाने के फायदे | हेल्थ टिप्स | स्वास्थ्य पत्रिका

सेब खाने के फायदे, health benefits of apple 

शक्तिवर्धक - सेव में 'मैलिंक एसिड' रहती है और यह खटाई आँतों, यकृत (Liver) और मस्तिष्क के लिए उपयोगी है। इसमें फॉसफोरस होता है अर्थात् जलन करने वाला पदार्थ जिसे खाने से पेट साफ होता है और आमाशय को पुष्टि प्राप्त होती है। सेव और इसका रस विटामिन एवं खनिज पदार्थों से भरपूर है।

सेब खाने के फायदे बताइये


दो सेव के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर उस पर आधा सेर उबलता पानी डाल कर रख दें। जब पानी ठण्डा हो जाये तो उसे छानकर पी लें। यदि मीठे की आवश्यकता हो तो मिश्री मिलायें । यह सेव का पौष्टिक और स्वादिस्ट शरबत है। यह शीघ्र ही रक्त में मिल कर हृदय, मस्तिष्क, यकृत और शरीर के हरेक कोष (Cell) में शक्ति और स्फूर्ति पहुँचाता है। सेव का रस हृदय को शक्ति देता है l नैत्र दृष्टि तेज करता है, शरीर और
रक्त के विषैले दोषों को निकाल विभिन्न रोगों को दर करता है; दुबले-पतले व्यक्तियों को हृष्ट-पुष्ट बनाता है। जो लोग शक्तिशाली,स्वस्थ और जवान बने रहना चाहते हैं, उनको सेव का रस अधिक से अधिक नित्य सेवन करना चाहिए। एक बार में एक से तीन सेव तक, जितनी खाई जा सके, उतना ही खायें।

कहावत भी हैं- An apple a day keeps the doctor away. अर्थात एक सेव नित्य खाने से डाक्टर की आवश्यकता नही पड़ती। 

खाली पेट एप्पल खाने के फायदे, khali pet apple khane ke fayde 

सेव भूखे पेट छाना अच्छा है। यह गरमी. खश्की दूर करता है । इसका मुरब्बा, हृदय, रक्त, मस्तिष्क की कमजोरी हटाता है। नित्य प्रातः भूखे पेट सेव खाकर ऊपर से दूध पिया जाये तो एक दो माह में ही त्वचा का रंग निखरेगा, चेहरे पर लाली झलकेगी, यौन सम्बन्धी सभी कमजोरियाँ दूर होकर जीवन में स्फूर्ति दौड़ने लगेगी। यह बहुत अच्छा टोनिक है।

मानसिक तनाव, चर्मरोग, गठिया, संधिशाय (Arthricis), श्वास प्रजाली के रोगों में दो सेव नित्य खाने से लाभ होता है। सेव भोजन से पहले भूखे-पंट खाने पर अधिक लाभदायक है। सेव वीर्य वर्द्धक है। सेव में फासफोरस सर्वाधिक होता है जो स्नाय और मस्तिष्क के लिए बहुत लाभदायक है। दाँत गलते हों, छेद हों, मसूड़े फूलते हों खाना खाने के बाद नित्य सेव खायें। इससे दाँत और मसूड़े ठीक हो जायेंगे और खराब नहीं होंगे l

जुकाम - दुर्बल मस्तिष्क के कारण भी सदी-जुकाम सदा बना रहता है। ऐसे रोगियों को जुकाम की दवाओं से लाभ नहीं होता। ऐसे लोगों को जुकाम ठीक करने के लियें भोजन से पहले छिलके सहित सेव खानी चाहिए। इनससे मस्तिष्क की दुर्बलता भी दूर होती है ।
सर्दी खांसी का इलाज


खांसी - पकी हुई सेव का रस एक गिलास निकाल कर मिश्री मिलाकर प्रातः पीते रहने से पुरानी खाँसी ठीक हो जाती है ।तथा सूखी खाँसी में नित्य पके हुए मीठे सेव खाते रहने से सूखी खाँसी में लाभ होता है।

हदय को शक्ति - सेव का मुरब्बा 15-20 दिन खाने से हुदय की दुर्बलता, दिल बैठना ठीक हो जाता है। उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) होने पर दो सेव नित्य खाने से लाभ होता है।

स्मरण शक्ति बढ़ाता - जिन व्यक्तियों के मस्तिष्क और स्नाव दुर्बल हो विद्यार्थियों को याद नहीं रहता हो, सेव के सेवन से स्मरण-शक्ति बढ़ती है। इसके लिए हो सके तो सेव को बिना छीले चबा-चकबाकर भौजन से 15 मिनट पहले खाइये।

प्यास अधिक लगना - सेव को गरम पानी में मिलाकर  पीने से प्यास कम लगती है। जिन्हे वायु विकार हो, उन्हें यह लाभदायक नहीं होगा।

पथरी -  गुर्दे और अमाशय की की पथरिया बनती रहती है l आपरेशन करके निकाल देने के पश्चात् भी प्रायः पथरी बन जाती है। सेव का रस पीते रहने से पथरी बनना बन्द हो जाता है तथा बनी हुई पथरी पिस- पिसकर मूत्र द्वारा बाहर आ जाती है। यह वृक्कों को शुद्ध करता है, गुर्दे का दर्द दूर होता है। यदि कुछ दिन केवल सेव ही खाकर रहें तो पथरी निकल जाती है। अधिक भूख लगे तो अन्य शाक, फल खायें। बार-बार पेशाब जाने पर सेव खाने से रात को बार-बार मूत्र जाना कम हो जाता है ।

सिर-दर्द : सेव पर नमक लगाकर 20-25 दिन खाने से सिर-दर्द में लाभ होता है। एक या दो सेव नमक लगाकर प्रातः भूखे पेट चक्रा-चबाकर नित्य खायें। इसके बाद गर्म पानी या गर्म दूध पीयें।

अनिंद्रा (Insomnia) होने पर सेव का मरब्बा खाने से निद्रा आने लगती है। सेव खाकर सोना भी नींद लाने में सहायक है।

बच्चों के दस्त - जब बच्चों को दूध नहीं पचता, दूध पीते ही कै और दस्त आते हों तो उनका दूध बन्द करके थोड़े-थोड़े समय के बाद सेव का रस पिलाने से कै और दस्तों में आराम आ जाता है। पुराने दम्तों में भी सेव का रस लाभदायक है। मरोड़ लगकर होने वाले बड़े लोगोंके दस्तों में भी लाभदायक है। खून के दस्तों को बन्द करता है। दस्तों में सेव बिना छिलके वाली होनी चाहिए। दस्तों में सेव का मुरब्बा भी लाभदायक है। सेव के छिलके उतार कर छोटे-छोटे टुकड़े करके दूध में उबालें। इस दूध का आधा कप प्रति घण्टे से पिलाने से दस्त विशेष कर गर्मी में होने वाले दस्त बन्द हो जाते हैं।
Health benefits tips of apple



यकूत (Liver) - सेव यकृत -रोगों में लाभदायक है। इससे यकृत को शक्ति मिलती है।

गैस - सेव का रस पाचन अंगों पर एक पतली तह चढ़ा देता है जिससे वे संक्रमण और बदबू से बचे रहते हैं। वायु उत्पन्न होना रुक जाता है। मलाशय और निचली आँतों में दूर्गन्ध, संक्रमण नहीं होता। सेव का रस पीने के बाद गर्म पानी पीना चाहिए। आँंतों में घाव, शोथ रहने पर सेव का रस पीते रहने से आराम मिलता है।

कमि - दो सेव रात को सोते समय कुछ दिन, कम से कम सात दिन, खाने से कृमि मर कर, मल के साथ बाहर आ जाते हैं । सेव खान के बाद रात भर पानी न पीयें।

तैलीय त्वचा - यदि आपकी त्यचा तैलीय है तो आप एक सेव को अच्छी तरह पीस लें और उस पेस्ट की पतरी परत चेहरे पर चढ़ा ले l दस

मस्ते (Warts) - खट्टी सेव का रस मस्सों पर लगाने से मस्सों के छोटे-छोटें टुकड़े होकर जड़ से गिर जाते हैं ।
शराब की आदत - सेव का रस बार-बार पीने से, अच्छी तरह पका हुआ एक-एक सेव नित्य तीन बार खाते रहने से शराब पीने की आदत छूट जाती है। नशे के समय सेव खाने से नशा उतर जाता है। इसका रस भी पिया जा सकता है। भोजन के साथ सेव खाने से भी शराब की आदत छूट जाती है। मानसिक-रोग, कफ, डाँसी, यक्ष्मा में सेव का रस, इसका मुरब्बा खाना लाभकारी है।

भूख न लगना - (1) खट्टे सेव का रस एक गिलास, स्वाद के अनुसार मिश्री मिला कर कुछ दिन तक इसे नित्य पीने से भूख अच्छी तरह लगने लगेगी (2) खट्टे सेव के रस में आटा गूँद कर रोटी बना कर नित्य खायें।

मलेरिया भुखार - मलेरिया भुखार में सेव खाने से बुखार जल्दी ठीक होता है। मलेरिया में बुखार आने से पहले सेव खाने से भुखार आने के समय, भुखार नहीं आता। बच्चों के पेट के रोगों में नित्य सेव खिलाना लाभदायक है। आंत्रज़्वर (Typhoid) में सेव रस बहुत लाभदायक है।

सेब खाने के नुकसान - गला बैठने पर सेव न खायें। गाने वाले सेव न खायें।

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