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नींबू के फायदे और नुकसान | घरेलु नुस्खे | स्वास्थ्य पत्रिका

नीम्बू का सेवन हर मौसम में किया जा सकता है। यह बदलते मौसम के according ही अपने गणों को समायोजित कर मौसमी दोषों से बचाता है। नीबू का मुख्य काम शरीर के विषों को नष्ट कर उन्हें बाहर निकालना है।

उबलते हुए एक गिलास पानी में एक नींबू निचोडकर पीते रहने से शरीर के अंग-अंग में नई शक्ति अनुभव होने लगती है। नेत्र-ज्योति तेज हो जाती है l  मानसिक दुर्बलता, सिरदर्द, पूट्ठों में झटकै लगना बन्द हो जाते हैं। अधिक काम से भी थकावट नहीं आती। इसमें बिना शक्कर और नमक मिलाये छोटे-छोटे घूँटों में पीना चाहिए l  चाहें तो शहद की दो चम्मच मिला सकते हैं। शक्कर और नमक का अधिक सेवन स्वास्थ लिए हानिकारक है। असाध्य रोगों में लम्बे समय तक उपवास रखने के बाद खाना नहीं दिया जाता, परन्तु पानी में lemon का रस मिलाकर बार-बार पीते रहने से रोगी के दूषित पदार्थ निकल जाते हैं और उनके रोग दूर हो जाते हैं। इसके नियमित सेवन से स्फूर्ति रहती है। पथरी होने पर नीम्बू नहीं देना चाहिए।
नींबू खाने के फायदे और नुकसान बताइये
नींबू खाने के फायदे बताइये

नींबू Vitamins c का भण्डार होता है 

नींबू में पाया जाने वाला vitamins - विभिन्न रोगों से बचने, स्वास्थ्य, और शक्ति प्राप्त करने के लिए नींबू का रस vitamin c का भण्डार है l  vitamin c शरीर में घट जाने से स्कर्वी, Anaemia हड्डी के जोड़ों की पीड़ा, रक्तस्राव, दाँतों के रोग, पाइरिया, कूकरखॉँसी दमा आदि रोग हो जाते हैं। नीम्बू के सेवन से इनमें लाभ होता है तथा सल्फाड़ग्स के सेवन से उत्पन्न दोष भी दूर हो जाते हैं।

90 Benefits of lemon, नींबू के 90 घरेलु प्रयोग 

शक्तिवर्धक - 40 ग्राम किशमिश, 6 मुन्नके, 6 बादाम, 6 पिस्ते रात को आधे किलो पानी में काँच के बरतन में भिगो दें। प्रातः पीस कर, छान कर, एक चम्मच शहद और एक नीबू निचोड़कर भूखे पेट पीयें। इससे मानसिक व शारीरिक कमजोरी, थकान दूर होती है। यह इन्द्रियों की शक्ति के लिए भी लाभदायक है।

रक्तक्षीणता (Anaemia) - जिनके शरीर में blood की कमी हो, शरीर दिन पर दिन गिरता जाय, उन्हें नीम्बू और टमाटर के रस का भोजन लॉभ पहुँचाता है।

आयु बढ़ना - प्रो० स्कमोल के अनुसार यदि थोड़ा-सा नीम्बू नित्य सेवन किया जाये तो आयु बढ़ती है। इसका अधिक सेवन हानिकारक है।

नींबू के फायदे stomach के लिए, Benefits of lemon for stomach

Pachan tantra के रोग - यदि आपके पाचन अंग कार्य नहीं करते, भोजन नहीं पचता पेट में गैस के कारण हृदय पर बोझ अनुभव होता है, पेट फूल जाता है, रात को नींद नही आती भौजन भली प्रकार नहीं पचता तो एक गिलास गर्म पानी में एक नीम्बू का रस मिलाकर बार-बार पीते रहने से पाचन-अंग और शरीर की धुलाई हो जाती है। blood और body के समस्त विषैले पदार्थ मूत्र द्वारा निकल जाते हैं। कुछ ही दिनों में शरीर में नई स्फूर्ति और शक्ति अनुभव होने लगती है। अपच होने पर नीम्बू की फाँक पर नमक डालकर गर्म करके चूसने से खाना सरलता से पच जाता है। liver के समस्त रोगों में नीम्बू लाभदायक है।

Stomach pain - (1)12 ग्राम नींबू का रस, 6 ग्राम अदरक का रस और 6 ग्राम शहद मिलाकरपीने से पेट का दर्द ठीक हो जाता है। 
(2) नींबू की फाँक में काला नमक, काली मिर्च और जीरा भर कर गर्म करके चूसने से stomach pain ठीक हो जाता है, कीड़े (कृमि) नष्ट हो जाते हैं।

भूख न लगना - नींबू और अदरक की चटनी का सेवन करें। मौसम के अनुसार धानिये की पत्ती भी मिला सकते हैं। भूख न लगे, अजीर्ण हो, खट्टी डकार आती हो तो (1) एक नींबू आधा गिलास पानी में निचोड़कर शक्कर मिला कर नित्य पीयें। (2) एक चम्मच अदरक का रस, नींबू, सैंधा नमक एक गिलास पानी में मिला कर पीयें।

कब्ज - (1) एक नींबू का रस एक गिलास गर्म पानी के साथ रात्रि में लेने से दस्त खुल कर आता है। 

(2) नींबू का रस और शक्कर प्रत्येक 12 ग्राम एक गिलास पानी में मिलाकर रात को पीने से कुछ'ही दिनों में पुराना कब्ज़ दूर हो जाता है।


बवासीर, रक्तस्रावी अर्श में एक पाव धारोष्ण दूध में आधा नींबू निचोड़कर, मिलाकर तुरन्त पी जायै, लाभ होगा। यदि धारोष्ण दूध न मिले तो गर्म दूध भीले सकते हैं।


    Loose motion - (1) दूध में नींबू निचोड़ कर पीने से लाभ होता है। दस्त में मरोड़ हो, आँव आती हो तो नींबू का उपयोग करें। एक नींबू का रस एक कप पानी में मिलाकर पिलायें। इसी प्रकार एक दिन में पाँच बार दें। इससे दस्त बंद हो जाते हैं। 
    (2) एक बूँद नींबू का रस, एक चम्मच पानी जरा-सा नमक और शक्कर मिलाकर पाँच बार नित्य पीने से दस्त बंद हो जाते हैं।
    (3)आधे नींबू पर बाजरे के दाने से भी कम अफीम लगायें और गोंद लें फिर जरासा गर्म करके चूसें। इस तरह हर चार घंटे से चूसें। दस्त, पेचिश बन्द हो जायेगी।

    नाखू न बढ़ना - (1) यदि आपके नाखून न बढ़ते हों तो गर्म पानी में नींबू निचोड़कर उसमें पाँच मिनट तक अँगुलियाँ रखें, फिर तुरन्त ही हाथ ठण्डे पानी में रखें। इससे नाख़ून बढ़ने लगेंगे। (2) नाखूनों पर नींबू का रस लगाने से वे बहुत मजबूत और सुन्दर रहते हैं। अँगुलियों के धोकर उनके अग्रभाग नींबू में रगड़ कर सुखा लें।

    संग्रहणी - नींबू को बीच में से काट कर मूँग के बराबेर इसमें अफीम डाल कर धागे से बाँध कर आँच पर लटका कर सेक कर नित्य तीन दिन चूसें।

    Dysentery - (1) आधा गिलास ताजा पानी में आधा नींबू निचोड़कर दिन में 3 बार पीने से Dysentery में लाभ होता है। दूध में नींबू निचोड़ कर पीने से भी लाभ होता है। (2) मिट्टी के बर्तन (शिकोरा) में 250 ग्राम दूध, स्वादानुगार शक्कर, आधा नींबू निचोड़कर मिला क़र पीयें। इससे पेट में हल्की-सी जलन होगी और खून के दस्त बन्द हो जायेंगे।

    Vomiting - जी मिचलाना आरम्भ होते ही नींबू का सेवन करना चाहिए। इससे उलटी नहीं होती। नींबू में शक्कर और काली मिर्च, दोनों भर कर चूसने से भी vomiting (उलटी) बंद  होती है। नींबू में इलायची भिरकर चूसने से भी लाभ होता है। उलटी में नींबू को गर्म नहीं करना चाहिए।

    शिशुओं की उलटी - नींबू के रस की पाँच बून्द तीन चम्मच पानी में मिला कर पिलाये, शिशु दूध नहीं उलटेगा।


    नींबू के घरेलु उपयोग बताइये
    नींबू के घरेलू नुस्खे 

    कृमि - यदि पेट में कृमि उत्पन्न हो गये हों तो नींबू के बीजों को पीसकर चुर्ण बनाले और पानी के साथ लें। इससे पेट के कृमि नष्ट हो जायेंगे। मात्रा- बड़ों के लिए एक से तीन ग्राम, बच्चों के लिए इसकी चौथाई। भूखे पेट नींबू पानी भी पीयें।

    Acidity - नींबू अम्ल का नाश करने वाला है। नींबू  का रस गर्म पानी में डालकर सायंकाल पीने से अम्लपित्त नष्ट हो जाता है। मात्रा- एक कप गर्म पानी, एक चम्मच नीबू का रस एक-एक घंटे से तीन बार लें। Dr. Albert ने अपनी book, Fruits for Health में लिखा है कि लोग भ्रमवश नींबू के रस को अम्लीय समझते हैं। इस भूल के फलस्वरूप इसके औषधिये गुणों को न पहचान कर अम्लपित्त में नींब का सेवन नहीं करते। नींबू में. पाया जाने वाला पोटेशियम अम्ल-विष को नष्ट करता है।
    Air ball (वायुगोला) Acidity - acidity hone per 6 ग्राम नींबू का रस आधा गिलास गर्म पानी में मिलाकर पिलाने से acidity में आराम होता है।

    हिचकी - Lemon juice, honey, दोनों एक-एक चम्मच, स्वादानुसार काला नमक मिलाकर पीने से हिचकी बंद हो जाती है।

    सिर चकराना - यकृत (Liver) की गड़बड़ी, acidity से चक्कर आता हो, दौरा पड़ता हो तो गर्म पानी में नींबू निचोड़ कर पीने से, लाभ होता है। भात्रा- एक कप गर्म पानी, नींबू का रस डेढ़ चम्मच।

    सिर दर्द - सिर दर्द होने पर नींबू चाय में निचोड़ कर पीने से लाभ होता है। नींबू की पत्तियों को कूट कर रस निकाल कर रस को सूँघें। जिन्हें हमेशा सिर दर्द रहता है, वे यह उपाय करें। इससे सदा के लिए सिर दर्द ठीक हो जायेगा। नींबू की पत्तियों को सुखा कर प्रतिदिन प्रातः संघने और चाय पीने से चमत्कारिक फल-होगा।

    दिल घबराना - दिल घबराने, छाती में जलन होने पर ठन्डे पानी में नींबू निचोड़ कर पीने से लाभ होता है। पतले दुबले शरीर वाले इसमें शक्कर भी मिलायें।

    तित्ली - नींबू को बीच में से काटकर उस को गर्म करके थोड़ा नमक मिलाकर कई दिन तक भोजन से पूर्व चूसने से बढ़ी हुई तिल्ली (प्लीहा) अपने प्राकृतिक आकार में आ जाती है।

    नींबू से से करे piles का इलाज, lemon use for piles treatment 

    बवासीर - नींबू के रस को स्वच्छ महीन कपड़े से छानकर उसमें जैतुन का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर दो ग्राम की मात्रा में glycerin syringe द्वारा रात को गुदा में प्रवेश कराते रहने से बवासीर की जलन, piles pain दूर हो जाता है; मस्से छोटे हो जाते हैं। पाखाना बिना कष्ट के आने लगता है। बवासीर में तेज दर्द, रक्तस्राव होने पर उपवास रखें और ताजे पानी में नींबू पीयें। चार कप अलग-अलग घारोष्ण गाय के दूध से भरलें। इनमें क्रमशः आधा-आधा नींबू नीचोड़ कर पीते जायें। एक सप्ताह सेवन करने से हर प्रकार के बवासीर नष्ट हो जायेंगे l 

    (1)  blood piles हो तो दूध में आधे-नींबू का रस डालकर तुरन्त हर 3 घण्टे से पिलायें।

    (2) नींबू काट कर दोनों फाँकों में पिसा हुआ कत्था भरें। फिर दोनों टुकड़े रात को ओंस में रखे दें। प्रातः  दोनों टुकड़े चूस लें, इससे रक्त गिरना बंद हो जायेगा।

    गर्मी से घुटन - गर्मी की तपन से घूटन प्रतीत होने पर नींबू की शिकञ्जी पीने से मस्तिष्क तरोताजा हो जाता है।

    नींबू का शर्बत - ठण्डे पानी में गर्म किया हुआ नींबू और शक्कर मिलाने से नींबू का शर्बत बन जाता है। यह पाचक, मतली और वमन दूर करने वाला, मलेरिया और पित्त-ज्वर में हितकारी होता है।

    नींबू भुखार में फायदा करता है Lemon benefits in fever

    Fever - (1) fever जिसमें रोगी को बार-बार प्यास लगे, उबलते पानी में नींबू निचोड़कर पिलाने से fever temperature गिर जाता है। मात्रा- पानी एक कप, नींबू का रस दो चम्मच। 

    (2) दो नींबू काटकर, 250 ग्राम पानी में डाल कर उबालें। जब पानी आधा रह जाये तो. उतारकर छान लें। इसमें दो ग्राम सैंधा नमक सेकं कर मिला लें और पी जायें। यह एक खुराक है। इस प्रकार दिन में तीन बार लें। भोजन न करें। दो तीन दिन इस प्रकार करने से हर प्रकार का fever दूर हो जाता है।

    (3) पानी में नींबू निचोड़ कर बार-बार पीने से ज्वर की गर्मी, ताप कम होता है।

    Fever चाहे मलेरिया हो, मौसमी fever हो, सामान्य fever हो, जब fever बहुत कम हो या fever आने के दो घण्टे पूर्व काली मिर्च, नमक और फिटकरी, समान मात्रा में पीस कर आधे नींबू पर डाल कर चूसें। नीबू को गर्म न करें और दूसरा आधा टुकड़ा इसी प्रकार एक घण्टे, बाद चूसें।  Malarial fever (मलेरिया बुखार) ठीक हो जायेगा और ऐसा करने से मौसमी fever भी ठीक हो' जायेगा।

    मलेरिया (Malarial fever) - मलेरिया में नमक, काली मिर्च नींबू में भरकर गर्म करके चूसने से बुखार की गर्मी दूर हो जाती है। दो नींबू का रस नींवू के छिलकों सहित 500g पानी में मिलाकर मिट्टी की हाँडी में रात को उबालकर आधा रहने पर रख दें । प्रातः इसे पीने से मलेरिया आना बंद हो जाता है। पानी में नींबू निचोड़कर स्वाद के अनुसार शक्कर मिलाकर पीने से 4 दिन में मलेरिया आना बंद हो जाता है। मलेरिया में उलटी होने लगे तो नींबू में नमक भर कर चूसें। नींबू और गन्ने का रस मिलाकर पीयें Vomiting (उलटियाँ) बंद हो जायेंगी।

    पलू (Flu)शरीर के विभिन्न अंग और हड्डियाँ टूटने, नजला, जुकाम और फ्लू होने पर गर्म पानी में नींबू का रस पीते रहने से इन रोगों से बचा जा सकता है। ये रोग होने पर इसे बार-बार पीना चाहिए। पानी में शहद भी मिला सकते हैं।

    पीला ज्वर (Yellow Fever) एक फ्रेंच चिकित्सक ने कहा है कि नींबू को फीके पानी में मिलाकर पीले fever के रोगी को पिलाने से रोगी शीघ्र ही ठीक हो जाता है। इसमें मीठा न मिलायें। खाँसी, श्वास और ज्वर में नींबू में नमक, काली मिर्च एवं शक्कर भरकर गर्म करके चूसने से लाभ करता है।

    उपवंश (Syphlis) की पहचान स्त्री;पुरुष को उपदंश है या नहीं, यह जानने के उसके शरीर के किसी भाग पर नींबू का रस लगाओ। यदि यह असह्य प्रतीत हो तो समझें कि उपदंश है l
    जुकाम खाँसी (cold cough) - गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है। जुकाम हो तो एक गिलास उबलते हुए गर्म पानी में एक नींबू इच्छानुसार शहद मिलाकर से को सोते समय पीयें।

    जुकाम cold एक नींबू मोटे कपड़े में लपेट कर ऊपर से मिट्टी का लेप करके भोभल (मंद आग) में सेंकें। सिंकने के बाद निकाल कर गर्म-गर्म को ही चूस लें। जुकाम शीघ्र ठीक हो जायेगा।

    गला बैठनागला बैठ जाय, गले 'में ललाई या सूजन हो जाय तो ताजा पानी या गर्म पानी में नींबू निचोड़कर नमक डाल कर तीन बार गरारे करने से लाभ होता है।

    नकसीरनकसीर आने पर नथुनों में दो-दो बूँद नींबू का रस टपकाने से नाक से रक्त गिरना बंद हो जाता है।

    साँस फूलना नींबू के रस को शहद में मिलाकर चाटने से बच्चों का साँस फूलना बंद हो जाता है।

    मोटापाएक नींबू, नमक, पाव भर गुनगुने पानी में मिलाकर भूखे पेट प्रातः पीने। मोटापा कम होता है। यह लगातार एक-दो माह लें। यह गर्मी के मौसम में ज्यादा उपयोगी है। यदि शहद भी मिलायें तो ज्यादा अच्छा है। इसके बाद दिन में जब भी प्यास लगे पानी में नींब शहद मिलाकर पीयें। शहद मिलायें तो नमक न मिलायें।

    यात्रायात्रा करते समय नींबू का सेवन करनें से जी नहीं मचलता और यात्रा सुखद रहती है। पर्वतारोही- ऊँचें पहाड़ों पर चढ़ने वालों के लिए नींबू का सेवन लाभदायक है।

    नींबू के फायदे दाँतो के लिए,  Benefits of lemon for teeth 

    दाँतों की सफाई नींबू के छिलकों को धूप में सुखा कर पीस लें और मञ्जन के रूप काम लें। इससे दाँत साफ होंगे और साँस की बदबू दूर होगी। नमक, सुरसों का तेल और नींबू का रस मिलाकर नित्य मञ्जन करने से दाँत मजबूत होते हैं; प्रायः सभी रोग मिट जाते हैं। निचोड़े हुए नींबू के छोटे-छोटे टुकड़े करके दाँत साफ करने से दाँत चमकने लगते हैं।

    नींबू के घरेलू उपयोग
    नींबू के घरेलु उपयोग

    दाँतों के रोग ताजा पानी में नींबू निचोड़कर कुल्ले करने से दाँतों के रोगों में आराम मिलता है। मसूड़े फूलना,मुँह की दुर्गन्ध दूर होती है। निचोड़े हुए नींबू से दाँत रगड़ने से साफ, सुन्दर और चमकदार होते हैं।

    पायोरियानींबू का रस और शहद मसूड़ों पर मलते रहने से रक्त और पीप निकलता बंद हो जाता है और दाँत मजबूत हो जाते हैं।

    दाँत-दर्द (teeth pain) - एक नींबू के चार टुकड़े करके, उन पर नमक डालकर एक के बाद एक गर्म करते जायें और एक-एक टुकड़े को कमशः दुःखते दाँत दाढ़ पर रखकर दबायें। इस प्रकार एक के बाद एक चारों टुकड़े दबायें। इससे दाँत के दर्द में लाभ होगा ।

    दन्त-मञ्जन सफाईनींब का एक छोटा सा टकड़ा लेकर इससे रोजाना दाँत मलें और मञ्जन करें। दाँत मोती से चमने लगेंगे।

    पायोरिया, स्कर्वी (SCURVY), छाने, गले का दर्दइनको ठीक करने के लिए नींबू अत्याधिक मात्रा में अर्थात् 4-5 नींबू तक का सेवन प्रतिदिन करें। नींबू का रस मसूड़ों पर मलें। नींबू को गर्म पानी में निचोड़ कर कल्ले और गरारे करें। नारंगी का अत्याधिक सेवन भी लाभदायक है। इनके प्रयोग से दाँत व मसूड़ों के हर प्रकार के रोग ठीक हो जाते हैं।

    नींबू के फायदे फोर स्किन, Benefits of lemon for skin

    चकत्ते (Freckles) त्वचा पर जहाँ कहीं भी चकत्ते हों, उन पर नींबू का टटुकड़ा रगड़े l नींबू में फिटकरी भरकर रगड़ें। इससे चकत्ते हल्के पड़ जायेंगे और त्वचा में निखार आयेगा। हाथ घोकर नींबू का रस रगड़ने से हाथ नरम हो जाते हैं, नाखून हो जाते है l

    सौन्दर्यंर्धक (Beautifying) - (1)सुन्दरता के लिए नींबू रक्त को शुद्ध करता है, त्वचा को स्वस्थ, कान्तिमय बनाता है । नाबू का रस, गुलाबजल,  glycerine तीनों समभाग मिलाकर शीशी में भरलें। रात की सोने से पहले मुँह पर लगायें। नींबू और नमक पानी में मिलाकर स्नान करने से शरीर सुन्दर बनता है। नींबू के पानी से बालों को धोने से बाल सन्दर बनते हैं। सर्दी में हाथ-पैर फटना ठीक हो जाता है। ग्लिसरीन न होने पर खोपरे के तेल में नींबू मिलाकर काम ले सकते हैं। हाथों को सुन्दर बनाने के लिए आप एक पके टमाटर का रस, नींबू का रस तथा ग्लिसरीन बराबर मात्रा में मिलाकर हाथों को धोने के बाद मालिश करें। सूख जाने पर धो दीजिए मुल्तानी मिट्टी तथा नींबू का रस चेहरे पर लगाएं।
    (2)एक कप में दही और एक नींबू का रस मिलाकर सिर के बाल, चेहरे, हाथ आदि पर मलें। इसके 15 मिनट बाद स्नान करें। इससे सौन्दर्य बढ़ेगा। सौन्दर्य बढ़ाने अन्य विधि है टमाटर और नींबू का रस तथा दूध समान मात्रा में मिलाकर त्वचा पर लगायें। लगाने के 15 मिनट बाद स्नान कर लें। त्वचा का सौन्दर्य बढ़ेगा। कोहनी की त्वचा प्राय: सख्त एवं काली पड़ जाती है। निचोड़े हुए नींबू पर कोहनियाँ रखकर 15 मिनट बैठे रहें और फिर धो लें या स्नान कर लें तो कोहनियाँ सुन्दर हो जायेंगी।

    कील, मुँहासे(1) नींबू के रस को चार गुना ग्लिसरीन में मिला कर चेहरे पर रगड़ने से कील, मुँहासे मिट जाते हैं, चेहरा सुन्दर निकल आता है। सारे शरीर पर रगड़ने से त्वचा कोमल और चिकनी हो जाती है।
    (2) एक चम्मच गर्म दूध पर जमने वाली मलाई पर नींबू निचीड़कर चेहरे पर मलने से मुँहासे दूर हो जाते हैं।
    (3) केवल नींबू का रस चेहरे पर लगायें या नींबू और गुलाबजल समान मात्रा में मिला कर लगाने से मुँहासे ठीक हो जाते हैं।

    दाद खाज खुजली (Eczema) - (1)दाद को खुजला कर दिन में चार बार नींबू का रस लगाने से दाद ठीक हो जाता है।
    (2) नींबू चूसें एवं नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर मालिश करने से खुजली में लाभ होता है। यदि खुजली में दाने हों तो नीम्बू के रस को नारियल के तेल में गर्म करके लगायें। नींबू में फिटकरी भर कर खुजली वाली जगह पर रगड़ें।
    (3) गर्म पानी में नींबू निचोड़ कर स्नान करने से खुजली मिट जाती है।

    चेहरे पर धब्बे (Face spots) - नींबू के रस में समुद्र का झाग पीस कर मिला लें। रात को मुँह पर हुए धब्बों पर इसे लगायें। कुछ दिनों में धब्बे साफ हो जायेंगे। समुद्र का झाग न मिलने पर केवल नींबू का रस ही रगड़ें। आँखों के नीचे काले दागों पर नींबू का रस दूध की मलाई में मिलाकर लगायें।

    रक्त-शुद्धि (Blood purification) - नींबू Blood purification करता है। नीम्बू को फीके गर्म पानी में दिन में तीन बार नित्य पीना चाहिए। पानी चाय की तरह गर्म होना चाहिए।

    शरीर की कोमलतादो चम्मच आटा, चार चम्मच दूध, एक चुटकी हल्दी और एक नींबू का रस मिलाकर गोंद लें और नहाने से पहले शरीर पर मलें, दस मिनट बाद नहायें। साबुन न लगायें। इससे शरीर की कोमलता बढ़ेगी।

    घट्टा (Corns) घट्टा पर नींबू का रस लगाने से नर्म पड़ जाते हैं। इस पर एक फाँक नींब की भी बांध सकते हैं।

    चर्म रोगनींबू skin को करता है। skin problems  फोड़ा-फुन्सी, दाद, खाज आदि में नींबू का रस लगाने या नींबू को पानी में निचोड़ कर धोने, नहाने से लाभ होता है। प्रातः दो नींबू पानी में निचोड़ कर नित्य पीने से ठीक हो जाते हैं। कान से पीव निकलना और नासूर भी ठीक हो जाते हैं। गुड़, शक्कर, दालें न खायें।

    धब्बे (Spots) - सूती, ऊनी, सिल्कन, टेरीन, कैसा भी कपड़ा हो, नींबू का रस लगाकर मलने से दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं । पीतल के बतनो के धब्बे भी दूर हो जाते हैं ।

    विषेले दंश Dr. Herine ने कहा है कि यदि मच्छर काटने पर तेज दर्द हो तो उस पर नीबू का रस्त लगायें। इसका रस नमक के साथ मिलाकर बिच्छू, मकड़ी, बर्र व मधुमवखी के काटे स्थान पर लगाने से आराम मिलता है। खटमल, पिस्सू  काटने पर नींबू लगाना चाहिए।

    Blood pressure और Heart weakness Heart weakness दूर करने हेत नींबू में विशेष गुण हैं। इसके निरन्तर प्रयोग से रक्त वाहिनियों में लचक और कोमलता आ जाती है और इनकी कठरता दूर हो जाती है। इसलिए High Blood Pressure जैसे  रोग को दूर करने में नींबू उपयोगी है। इससे बढ़ापे तक हृदय शक्तिशाली बना रहता है एवं  heart attack का भय नहीं रहता है । कैसा भी blood pressure हो, पानी में नींबू निचोड़कर दिन में कई बार पीने से लाभ होता है। प्रातः एक नींबू का रस गर्म पानी में मिलाकर पीना हितकारी है।

    Uric acid - वात रोग को उत्पन्न करने वाली uric acid का नाश नींबू से हो जाती है। uric acid  को नष्ट करने हेतु प्रात: भूखे पेट एक गिलास गर्म पानी में एक नीब का रस तथा आधा चम्मच अदरक का रस मिला कर पीयें। urine  द्वारा शरीर में व्याप्त सारा विष निकल जायेगा। शरीर कंचन की तरह चमकने लगेगा। हृदय रोगियों के लिए नींबू लाभदायक है।

    रक्तस्रावफेफड़े, आमाशय, गुर्दा,गर्भाशय और मूत्राशय से रक्त आने पर नींबू का रस ठण्डे पानी से मिलाकर दिन में तीन बार पीते रहने से आराम आ जाता है।

    जोड़जोड़ों पर नींबू का रस मलते रहने से जोड़ों का दर्द और सूजन दूर हो जाती है। नीबू का रस आमाशय, ऑतों और रक्त की अम्लता (खटास) की अधिकता को कम कर देता है, जिससे जोड़ों का दर्द, स्नायु का दर्द, बहुत अधिक कमजोरी आदि रोग दूर हो जाते हैं। नींबू खट्टा होने पर भी इसका स्वभाव क्षारीय (खारा) और अम्लता को दूर करने वाला है।

    गठियाएक गिलास पानी में नींबू निचोड़कर नित्य प्रातः पीते रहने से लाभ हता है।

    रोहिणी (Diphtheria)डॉ०ई०पी० एन्शुज ने अपनी पुस्तक थेराऱ्यूटिक बाइ-बेज में लिखा है कि जर्मनी के एक डाक्टर ने नींबू के रस से 80 रोगियों को ठीक किया और उनमें से केवल एक मरा। वे नींबू को पानी में मिलाकर गरारे कराते थे या रोगी को नींबू का थाड़ा-सा रस चूसने को कहते थे।
    पेशाब रुकनानींबू के बीजों को पीस कर नाभि पर रखकर ठण्डा पानी डालें। इससे रुका हुआ पेशाब होने लगता है।

    वर्षा ऋतु के रोगवर्षा ऋतु में पेट के रोग और ज्वर, फोड़े-फुन्सी बहुत होते हैं। नींबू का सेवन इनमे लाभदायक है। गर्म जल में नींवू मिलाकर कम से कम 95 दिन नित्य पीना चाहिए।

    सरल प्रसव (Easy Delivery) यदि चौथे माह प्रसवकाल तक गर्भिणी एक नींबू की शिकञ्जी (पानी में शक्कर और नींबू निचोड़ कर) नित्य पीया करें तो प्रसव सरलता से बिना कष्ट के होता है।

    यक्ष्मा (Tuberculosis) - जिसे लगातार ज्वर रहता हो, उसे 11 पत्ती तुलसी, स्वादानुसार नमक, जीरा, हींग, एक गिलास गर्म पानी, 25 ग्राम नींबू का रस मिलाकर तीन बार कुछ दिन पीना चाहिए।

    हैजा (Cholera) - गर्म पानी में नमक और नींबू का रस मिलाकर पिलायें। उलटी हो जाने पर फिर पिलायें। जब तक उलटी होती रहें, पिलातें रहें। पेट की सफाई हो जायेगी। रोगी अच्छा हो जायेगा। हैजे के दिनों में नींबू का आचार खाने से हैजा तथा रोग-संक्रमण घटता है। नित्य नींबू सेवन करने से हैजे से बचाव होता है। पित्त शमन होता है। नींबू गर्म करके चीनी लगा कर चूसना, जी मिचलाने एवं हैजे में उपयोगी है । नींबू, प्याज का रस, चीनी और पानी मिलाकर पीने से हैजे में लाभ होता है। नींबू का रस एक भाग, हरा पोदीना और प्याज का रस आधा-आधा भाग मिलाकर पिलाने से लाभ होता है।

    मधुमेह (Diabetes) - मधुमेह (Diabetes) में प्यास अधिक होने पर पानी में नींबू निचोड़ कर पिलाने से लाभ होता है।

    दमा (Asthma) - दमा का दौरा पड़ने पर गर्म पानी में नींबू निचोड़ कर पिलाने से लाभ होता है। दमा के रोगी को नित्य प्रातः एक नींबू, दो चम्मच शहद और एक चम्मच अदरक का रस एक कप गर्म पानी में पीते रहने से बहुत लाभ होता है। यह दमा के दौरे के समय भी ले सकते हैं। यह हृदय रोग, ब्लडप्रेशर, पाचन-संस्थान के रोग एवं उत्तम स्वास्थ्य बनाये रखने के लिए लाभदायक है l

    नींबू के लाभ और साइड इफेक्ट, Lemon benefits and side effects

    हिस्टीरिया - गर्म पानी में नींबू, नमक, जीरा, हींग भुनी हुई, पोदीना मिला कर पीयें यह प्रयोग कम से कम एक माह करें, मिरगी - जरा-सी हींग, नींबू के साथ चूसने से लाभ होता है l   

    सावधानी - पैर के जोड़ों में दर्द, गले के टॉन्सिल, पेट में घाव (अल्सर) के रोगी को नींबू नहीं देना चाहिए। ऐसे लोग भी सावधानीपूर्वक नींबू के प्रयोग करें जिन्हें नींबू के प्रयोग से चक्कर आते हैं या रक्तचाप निम्न (Low Blood Pressure) हो जाता है।

    मोतियाबिन्द (Cataract) दूर करने वाली घरेलु दवाई 
    (1) 9 भाग छोटी मक्खी का शहद
    (2) 1 भाग अंदरक का रस
    (3) 1 भाग नींबू का रस
    (4) 1 भाग सफेद प्याज का रस
    सब मिलाकर छान कर एक बुंद सुबह-शाम लम्बे समय तक डालते रहने से मोतियाबिन्द दूर हो जाता है। इसमें 12 भाग गुलाब जल डाल कर नित्य इसी प्रकार डालते रहने से नेत्र ज्योति बढ़ती है, चश्मा हट जाता है।
    यह नुस्खा प्राकृतिक चिकित्सक डॉ० हीरालाल का डॉ. एस. आर. चावला से उनके विश्वास द्वारा बताया गया है। फिर भी आप इस्तेमाल करने से पहले Dr. की advise जरूर ले l

    पकृत (Liver)यकृत की हर तरह की बीमारियों में नींबू लाभदायक है। दाल, सब्जी, शिकंजी हर चीज में नींबू अधिक से अधिक लें।

    तैलीय त्वचा (Oily skin)oily skin पर दाग-धब्बे व मुँहासे अधिक निकलते हैं। oily skin वालों को नित्य दो बार साबुन लगा कर Face wash चाहिये। चेहरे पर नींब रगड़ने से oily skin में लाभ होता है।

    खाँसीखट्टी चीजें सेवन करने से खाँसी बढ़ती है। सामान्य खाँसी वाले नींबू का सेवन न करें।

    तिल्लीएक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़ कर पीयें। इस प्रकार तीन बार रोजाना पीयें। नींबू का पानी पीने से तिल्ली की सूजन ठीक हो जाती है।

    नींबू के फायदे बालों के लिए, Benefits of lemon for hair

    तेलाक्त बाल - यदि बाल तेलाक्त हैं तो एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़ कर इस पानी से सर धोयें और बालों को रगड़ें। बाल सूखे और साफ हो जायेंगे।


    बाल उड़ना - सिर पर कहीं से बालों का गच्छा या चकत्ता उड़ गया हो तो वहाँ नींब नित्य एक-दो माह तक रगड़ते रहें। ऐसा करने से बाल उग आयेंगे ।

    बाल काले करना - नींबू के रस में पिसा हुआ सूखा आँवला मिलाकर सफेद बालों पर लेप करने से बाल काले होते हैं। इससे बालों के अन्य रोग भी ठीक हो जाते हैं।

    बाल गिरना (Hair fall), पकना - स्नान से पहले नींबू के रस से सिर में मालिश करने से बालों का पकना, गिरना दूर हो जाता हैं एवं जुएँ भी नष्ट हो जाती हैं। रात को सोत्ते समय नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर सिर में मालिश करें।

    फरास (Dandruff) - फरास होने पर नारियल के तेल में नींबू मिलाकर रात को बालों की जड़ों में लगायें, नींबू के रस को पानी में मिलाकर सिर धोने से बाल मुलायम होते हैं। नींबू को काट कर सिर में रगड़ें और रस सूखने दें, फिर wash  करें l इससे dandruff दूर हो जाती है l

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