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आँवला खाने के फायदे और नुकसान - स्वास्थ्य पत्रिका

आँवला में अमृत के समान गुण होते है जो अनेक रोगों के से बचाते है 

आंवला खाने के फायदे अनेक है आंवला शरीर को चुस्त रखता है, ये पेट के रोगों में, हृदय रोग, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, आंखे के लिए, बालो के लिए, दांतो के लिए, सर्दी, जुकाम, बुखार आदि रोगों में आंवला लाभदायक है l आंवला ही नहीं आंवला के  पत्ते, ताज़ा आंवला, सूखा आंवला, भी उपयोगी होता है l आंवला का उपयोग अनेक प्रकार से किया जा सकता है जैसे आंवला का अचार, आंवला का मुरब्बा, चूर्ण के रूप में, जूस के रूप में, तथा चमनप्राश में 50 प्रतिशत आंवला ही होता है l आंवला में विटामिन c प्रचुर मात्रा में पाया जाता है l आंवला इम्युनिटी शक्ति को बढ़ाता है l

आँवला खाने के फायदेमंद और नुकसान बताइये
आँवला खाने के फायदे और नुकसान

आँवले में सारे रोगों को दूर करने की शक्ति है। आँवला युवकों को यौवन प्रदान करना है और बुढ़ों को युवा जैसी शक्ति। गर्मियों में चक्कर आते हों, जी घबराता हो तो आँवने का शर्बत पीयें दिल धड़कता हो तो आँवले का मुरब्बा खायें। आँवले में विटामिन 'सी' सर्वाधिक होता है। मनुष्य को प्रतिदिन 50 मिलीग्राम विटामिन 'सी' की आवश्यकता होती 1.6 औंस आँवले के रस में मिल जाता है। एक आँवला, दो सन्तरे के बराबर होता है। दाँतों और मसूड़ों को आँवला कठोर बनाता है। शरीर में आरोग्य शक्ति बढ़ाता है।

आँवले का नुरब्बा ताकत देने वाला होता है। गर्भवती के लिए हितकर है। आँवला में औषधीय गुण पाये जाते है l एक अच्छा आँवला एक अण्डे से अधिक बल देता है। मस्तिष्क, हृदय की बेचैनी, धड़कन, मेदा, तिल्ली रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) दाद में आँवला लाभदायक है। ऑवला शक्ति और स्वास्थ्यवर्धक है। वीर्य की निर्बलता इनसे दूर होती है । दाँतों में चमक आती है, मस्तिष्क के तन्तुओं में तरावट आती है। सुखे आँवले का गुण टूटी हड्डी जोड़ने वाला, धातुवर्धक, मेदवृद्धि नाशक है। कच्चे ऑँवले का रस पोना चाहिए। रात को सोते समय दस ग्राम आँवले का चूर्ण, पच्चीस ग्राम शहद में मिलाकर लेना चाहिए। इसे चटनी, कच्चा आचार, शरबत, मुरब्बा  किसी भी तरह प्रयोग करना चाहिए।

आँवला के औषधीय गुण तथा घरेलु उपचार 40 घरेलू  नुस्खे

1. नकसीर - जिन्हें प्रायः नकसीर आती रहती है वे सूखे आँवलों को रात को भिगोकर उस पानी से प्रातः नित्य सिर धोयें। आँवले का मुरब्वा खायें। यदि नकसीर किसी भी प्रकार से बंद न हो तो आँवले का रस नाक में टपकाये , सुघायें और आँवले को पीसकर सिर पर लेप करें, अवश्य लाभ होगा। यदि ताजा आँवले न मिलें तो सूखे औवलों को पानी में भिगोकर उस पानी को सिर पर लगायें। इससे मानसिक गर्मी-खुश्की भी दूर होगी ।

2. गर्मी से बचाव - गर्मी में आँवले का शर्बत पीने से बार-बार प्यास नहीं लगती तथा गर्मी के रोगों से बचाव होता है।

3. तुतलाना - बच्चों का हकलाना, तुतलाना आँवला चबाने से ठीक हो जाता है, जीभ पतली' होकर बोली साफ आने लगती है।

4. बिस्तर में पेशाब करना - कोई-कोई बालक बिस्तर में पेशाब कर देता है। यह रोग है। जो चिकित्सा कराने से ठीक हो जाता है। एक ग्राम पिसा हुआ आँवला, एक ग्राम पिसा हुआ काला जीरा और दो ग्राम पिसी हुई मिसरी मिला कर फंकी लें। ऊपर से ठण्डा पानी पीयें। बिस्तर में पेशाब करने का रोग दूर हो जायेगा।

5. स्वप्नदोष - (1) एक मुरब्बे का आँवला नित्य खाने से लाभ होता है। (2) काँच के गिलास में सूखे आँवले बीस ग्राम पीस कर डालें। इसमें 60 ग्राम पानी भरें और फिर बारह घण्टे भीगने दें। फिर छान कर इस पानी में एक ग्राम पिसी हुई हल्दी डाल कर पीयें। युवकों के स्वप्नदोष के लिए अच्छी ओषधि है।

6. जीर्ण ज्वर - मूँग की दाल में सूखा आँवला डालकर पकाकर खायें।

7. पथरी - आँवले का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी में लाभ होता है।

8. खूनी बवासीर - सूखे आँवले को बारीक पीसकर एक चाय चम्मच सुबह-शाम दो बार छाछ या गाय के दूध से लेने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।

9. श्वेत प्रदर - (1) तीन ग्राम पिस्रा हुआ (चूर्ण) आँवला, 6 ग्राम शहद में मिलाकर नित्य एक बार 30 दिन लेने से श्वेत-प्रदर में लाभ होता है। परहेज खटाई का रखें। (2) बीस ग्राम आँवले का रस शहद में मिलाकर एक माह लगातार पीने से श्वेत-प्रदर में लाभ होता है।

10. कुष्ट रोग - एक चम्मच आवले के चूर्ण की सुबह, शाम फंकी लें।
11. पेशाब की जलन - हरे आँवले का रस एक छटाँक, शक्कर या शहद आधा छटाँग थोड़ा पानी मिलाकर सुबह-शाम पीयें यह एक खुराक का तोल है। इससे पेशाब खुलकर आयेगा जलन और कब्ज ठीक होगी। शीघ्रपतन दुर होगा।

12.मधुमेह (Diabetes) - ताजे आँवलों के रस में शहद मिलाकर पीने से मधुमेह ठीक हो जाता है।

13. कब्ज - रात को एक चम्मच पिसा हुआ आँवला पानी या दुूध से लेने से सुबह दस्त साफ आता है  है, कब्ज  नहीं रहती। आँते तथा पेट साफ होता है।

14. दस्त - सूखा आँवला और काला नमक समान मात्रा में पीसकर जल के साथ आधा चम्म। फंकी लेने से दस्त बन्द हो जाते हैं।

15. खून की कमी - रक्तक्षीणता में आधा कप ऑवले के रस में दो चम्मच शहद, थोड़ा-सा पानी मिला कर पीने से लाभ होता है।

16. पाचन-शक्तिवर्धक - खाने के बाद एक चम्मच सूखे आँवले के चूर्ण की फंकी लेने से  पाचन-शक्ति बढ़ती है, मल बंधकर आता है।

17. कृमि (Worms) - एक ओंस ताजा आँवले का रस नित्य 5 दिन पीने से कृमि नष्ट हो जाते ।
है l

18. शवितवर्धक - पिसा हुआ आँवला एक चम्मच, दो चम्मच शहद में मिला कर चाटें, ऊपर से दूध पीयें। इससे सदा स्वास्थ्य अच्छा रहता है। दिनभर प्रसन्नता का अनुभव होता है। जब ताजा आँवले मिलते हों तो प्रातः आधा कप आँवले के रस में दो चम्मच शहद आधा कप पानी मिला कर पीयें। ऊपर से दूध पीयें| इससे थके हुए ज्ञान-तंतुओं को उत्तम पोषण मिलता है। कुछ ही दिन नित्य पीने पर शरीर में नई शक्ति और चेतना आयेगी जीवन में यौवन की बहार आयेगी। जो लोग स्वस्थ रहना चाहते हैं, उन्हें इस प्रकार आँवले का रस नित्य पीना चाहिये।

स्मरणशक्ति बढ़ाने के लिए नित्य प्रातः आँवले का मुरब्बा खायें।



19. नेत्र-शक्तिवर्धक - आँवले के सेवन से आँखों की दृष्टि बढ़ती है। पाव भर पानी में 6ग्राम सूखा आँवला रात को भिगो दें। प्रातः इस पानी को छानकर आँखे धोयें। इससे आँखों के सब रौग दूर होते हैं और दृष्टि बढ़ती है। सूखे आँवले के चूर्ण की एक चाय की चम्मच की फंकी रात को पानी से लें। कटने से रक्त श्राव होने पर कटे हुए स्थान पर आंवले का ताजा रस लगाने से रक्त बंद हो जाता है l

आँवला के सेवन से आँखो की रोशनी बढ़ती है
आँवला आँखो के लिए फायदेमंद 

20.आँखो का रोग - त्रिफला (हर्र, बहेड़ा और आँवला) रात को पानी में मिट्टी के बर्तन में भिगो दें। प्रातः छानकर इस पानी से आँखें धोने से आँखे निरोग रहती हैं।

21. आँखों जलन - आँखों के आगे अँधेरा, सिर में जलन, बार-बार पेशाब आता हो, तो आँवलों का रस पानी में मिलाकर सुबह-शाम चार दिन पीने से लाभ होता हैं। उच्च रचतचाप, रक्त की गर्मी आँवले का मुरब्बा प्रातः नित्य खाने से ठीक हो जाती है। आँवला रक्त शोधक है।

22. अम्लपित्त - दो चाय की चम्मच आँवले के रस में इतनी ही मिश्री मिला कर पीयें या। बारीक सूखा पिसा हुआ आँवला और मिश्री समान मात्रा में मिला कर पानी से फंकी लें। इसमे अम्लपित्त भी ठीक होता है।

23. हृदय एवं मस्तिष्क की निर्बलता - आधा भोजन करने के बाद हरे आँवलों का रस 35 ग्राम पानी में मिलाकर पी लें, फिर आधा भोजन करें। इस प्रकार 21 दिन सेवन करने से हृदय तथा मस्तिष्क सम्बन्धी दुरबलता दूर होकर स्वास्थ्य सुधर जाता है।

24. हृदय-रोग - (1)पिसा हुआ आँवला गाय के दूध के साथ पीने से हदय के सारे रोग दूर जाते हैं। (2) सूखा आँवला और मिश्री समान भाग पीस लें। इसकी पक चाय की चम्म फंकी नित्य पांनी से लेन से हृदय के सारे रोग दूर हो जाते हैं। (3) औँवले का मुरब्बा दूध से लेने स्वास्थ्य अच्छी रहता है l किसी प्रकार का हृदय विकार नहीं होता l

25. गर्भावस्था की उलटी - यदि गर्भावस्था में उलटी होती हों तो मुरब्बे के आँवले दो-दो नित्य बार बार खिलाने से के बंद हो जायेंगी। स्त्री के मूत्रांग में खुजली, जलन हो तो आँवले के रस में चीनी मिलाकर प्रतिदिन पीने से लाभ होता है।

26. खसरा (Measies) की जलन - खसरा निकलने के बाद शरीर में जलन, खुजली हो तो सूखे आवलों को पानी में उबाल कर ठण्डा होने पर इससे नित्य शरीर धोयें। खुजली, जलन दूर हो जायेगी।

27. बाल गिरना - आंवला का उपयोग बालों के लिए, (Use of Amla for hair) सूखे ऑवले को रात को भिगो दे। प्रातः इस पानी से सिर धोयें। इससे बालों की जड़े मजबूत होती हैं; बालों की प्राकृतिक सुन्दरता बढ़ती है। फरास जमना ठीक हो जाता है। मस्तिष्क और नेत्र को लाभ पहुँचता है। मेंहदी-और सूखा आँवला पीसकर पानी में गूँद कर, लगाने से बाल काले हो जाते हैं।

आँवला बालों के लिए फायदेमंद
आँवला का उपयोग बालों के लिए 

28. बाल काले करना - बाल काले करने के गुण आँवले में हैं। आँवला खट्टा होने से सफाई करने का उत्तम साधन है। बाल धोने, चेहरा धोने से अच्छी सफाई होती है।

29. सौन्दर्ययर्धक - पिसा हुआ आँबला उबटन की तरह मलने से चर्म साफ और मुलायम रहती है तथा चर्म रोग नहीं होते।

30. झुर्रियाँ व झाँईयाँ  - नित्य सुबह-शाम चेहरे पर किसी भी तेल की धीरे-धीरे मालिश करें। रात को एक काँच का गिलास पानी से भर कर इसमें दो चम्मच पिसा हुआ आँवला भिगों दें और प्रातः पानी छान कर चेहरा नित्य इस पानी से धोयें। ऐसा करते रहने से चेहरे की झुर्रियाँ व झाँई दूर हो जायेंगी।

31. उच्च रक्तचाप - उच्च रचतचाप, रक्त की गर्मी आँवले का मुरब्बा प्रातः नित्य खाने से ठीक हो जाती है। आँवला रक्त शोधक है। चककर आना : गर्मियों में चक्कर आते हों, जी घबराता हो तो आँवले का शर्बत पीयें।

32. पेशाब में धातु जाना - पेशाब में धातु जाती हो तो दो चम्मच आँवले का रस, दो चम्मच शहद मिलाकर पी जायें। इससे पेशाब में धातु जाना बन्द हो जाता है। वह शक्तिप्रद टॉनिक भी है।

33. दाँत में कीड़ा - दाँत में कीड़ा लगा हो, दर्द हो तो आँवले के रस में जरा कपूर मिला कर दाँत पर लगायें। दर्द दूर हो जायेगा।

34. गठिया - एक गिलास पानी में 25 ग्राम सूखे ऑवले, 50 ग्राम गुड़ डाल कर उबालें। चौथाई पानी रहने पर इसे छानकर दो बार नित्य पिलायें। इस अवधि में बिना नमक की रोटी तथा मुंग की दाल में सैंदा नमक, काली मिर्च डॉलकर खायें और हवा से बचें।


35. प्रदर, खाँसी - पिसा हुआ आँवला एक चम्मच, एक चम्मच शहद में मिलाकर दो बार नित्य चाटें।

36. आवाज बैठना - पिसे हुए आँवले की पानी से फंकी लेने से गला खुल जाता है, आवाज साफ आने लगती है l

37. आंवला के सेवन से बुढ़ापा देर से आता - सूखा आँवला पीस लें। इसे दो चम्मच भर कर रोटी के साथ नित्य खायें तो बुढ़ापा देर से आयेगा और जवानी बनी रहेगी।

38. हस्थमैथुन - हस्थमैथुन से धातु पतली हो गयी हो तो युवकों को सलाह दे कि हस्थमैथुन की आदत छोड़ से आँवला तथा हल्दी को समान मात्रा में पीस कर घी डाल कर सेंके और भूनें। सिंकने के बाद इसमें दो के वजन के बराबर पिसी हुई मिश्री मिला लें। एक चाय के चम्मच भर कर सुबह-शाम गर्म दूध से इसकी फंकी लें तो धातु-दौर्चल्य दूर होगा।

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